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ट्रंप पर महाभियोग की मांग
वॉशिंगटन: अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच टकराव अब महाभियोग की चर्चा तक पहुंच गया है। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने राष्ट्रपति ट्रंप की आर्थिक और व्यापारिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए डेमोक्रेट्स से महाभियोग के विकल्प पर विचार करने को कहा है। वहीं ट्रंप ने भी जवाब देते हुए चेतावनी दी है कि यदि डेमोक्रेट्स उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करते हैं तो इससे उनकी अपनी पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में बढ़त हासिल करते हुए सत्ता संतुलन को बदल दिया है। चुनावी नतीजों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों की समीक्षा और उनके प्रशासन के खिलाफ संसदीय जांच की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
भारतीय मूल के सांसद ने उठाई महाभियोग की मांग
मिशिगन के 13वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले डेमोक्रेटिक सांसद श्री थानेदार ने ट्रंप की टैरिफ नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रपति को देश की अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करने वाले फैसले मनमाने तरीके से नहीं लेने चाहिए। थानेदार ने विशेष रूप से भारत सहित कई देशों पर लगाए गए टैरिफ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि व्यापारिक फैसले लेते समय उनके व्यापक आर्थिक परिणामों को ध्यान में रखना जरूरी है। थानेदार के मुताबिक, यदि ट्रंप इसी तरह एकतरफा फैसले लेते रहे तो डेमोक्रेटिक पार्टी को उनके खिलाफ महाभियोग का विकल्प खुला रखना चाहिए। उन्होंने यह भी अनुमान जताया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां जारी रहीं तो वर्ष 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीत हासिल कर सकता है।
ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को दी कड़ी चेतावनी
महाभियोग की संभावनाओं पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि डेमोक्रेट्स उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करते हैं तो यह कदम उनकी पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से विनाशकारी साबित होगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ महाभियोग चलाने का कोई उचित कारण नहीं है। उन्होंने डेमोक्रेट्स को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी कोशिश उनकी पार्टी की राजनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकती है। ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद विपक्षी नेताओं का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है।
मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने बदली तस्वीर
अमेरिकी राजनीति में मध्यावधि चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनके जरिए प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर चुनाव होता है। डेमोक्रेट्स की जीत के बाद ट्रंप प्रशासन को आगामी वर्षों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से आर्थिक नीतियों, सरकारी खर्च, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार शुल्क और विदेश नीति से जुड़े फैसलों पर कांग्रेस की निगरानी बढ़ सकती है। डेमोक्रेटिक नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि वे ट्रंप प्रशासन से जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संसदीय अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने अभी महाभियोग की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा नहीं की है।
पहले भी दो बार महाभियोग का सामना कर चुके हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप के लिए महाभियोग का मुद्दा नया नहीं है। अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में वह दो बार महाभियोग का सामना कर चुके हैं। पहली बार वर्ष 2019 में यूक्रेन से जुड़े मामले में और दूसरी बार जनवरी 2021 में अमेरिकी संसद भवन पर हुए हमले के बाद उनके खिलाफ महाभियोग चलाया गया था। हालांकि दोनों मामलों में सीनेट ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया था। अमेरिकी संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने के लिए प्रतिनिधि सभा में साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है। लेकिन राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए सीनेट में उपस्थित सदस्यों का दो-तिहाई समर्थन जरूरी होता है।
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