
वॉशिंगटन/टोरंटो: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति अब उन्हें ही भारी पड़ती दिख रही है। चीन के जवाबी हमले के बाद अब कनाडा के ओंटारियो प्रांत ने भी पलटवार करते हुए अमेरिकी बिजली पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा कर दी है। यह फैसला दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में और तनाव बढ़ा सकता है।
ओंटारियो का जवाब: अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा जरूरी
ओंटारियो सरकार ने ट्रंप प्रशासन की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका के फैसले का असर सिर्फ उसकी अर्थव्यवस्था पर नहीं, बल्कि अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। एक अधिकारी ने स्पष्ट कहा, "अगर अमेरिका हमारे उद्योगों को नुकसान पहुंचाएगा, तो हम भी जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।"
अमेरिका के लिए क्या होगा असर?
- बिजली दरों में बढ़ोतरी: अमेरिकी उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का सामना करना पड़ सकता है।
- औद्योगिक लागत में इजाफा: बढ़ी हुई दरों का असर अमेरिका के उद्योगों पर पड़ेगा, जिससे उत्पादन महंगा होगा।
- व्यापारिक रिश्तों में खटास: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार समझौतों को लेकर नया विवाद खड़ा हो सकता है।
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
ट्रंप प्रशासन ने ओंटारियो के फैसले की आलोचना करते हुए इसे "अनुचित और गैर-जरूरी प्रतिक्रिया" बताया। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि "हमारी प्राथमिकता अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा करना है, लेकिन हम बातचीत के लिए भी तैयार हैं।"
क्या और गहरा होगा व्यापारिक टकराव?
ट्रंप की टैरिफ नीति पहले ही कई देशों को नाराज कर चुकी है। चीन के बाद अब ओंटारियो का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले दिनों में अमेरिका को और कड़े फैसलों का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि ट्रंप प्रशासन इससे निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाता है।





