
Washington वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने बताया कि हर्मुज की खाड़ी में जारी तनाव के कारण ईरान की आय लगातार घट रही है। ट्रंप ने कहा कि ईरान तुरंत हर्मुज खाड़ी नहीं खोलना चाहता क्योंकि उसके पास नकदी की कमी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान हर दिन लगभग 500 मिलियन डॉलर खो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में सेना और पुलिस को वेतन नहीं मिल रहे हैं, जिससे वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई है। ट्रंप ने कहा कि हर्मुज को बंद करने वाला ईरान इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा है।
ट्रम्प ने कहा कि ईरान चाहता है कि खाड़ी बंद रहे और वह इसे ब्लॉक करने का दावा कर रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चार दिन पहले किसी ने उनसे हर्मुज खोलने के लिए संपर्क किया था। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान खाड़ी खोलेगा, तो फिर उसके साथ किसी भी समझौते की संभावना नहीं है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ कोई नया समझौता तब तक संभव नहीं है जब तक कि देश में व्यापक विनाश न हो। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की नीतियों और खाड़ी बंद करने के कदम ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है।
ट्रम्प ने यह संकेत भी दिया कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की नीति पर कायम है और इस स्थिति में कोई जल्द समाधान नहीं दिखाई देता। उन्होंने कहा कि ईरान की आर्थिक गिरावट और नकदी की कमी उसकी राजनीतिक और सैन्य गतिविधियों को भी प्रभावित कर रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप के बयान से ईरान पर अमेरिका के दबाव और बढ़ने की संभावना है। हर्मुज खाड़ी तेल परिवहन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और इसे बंद करने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर प्रभाव पड़ा है।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान को हर्मुज खोलने के लिए मजबूर करना आसान नहीं होगा क्योंकि देश इस बंदी को अपनी शक्ति और दबाव के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका की नीति ईरान पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाए रखने की है ताकि उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी स्थिति में मजबूती दिखानी पड़े।
ईरान के खिलाफ यह कदम और खाड़ी में तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी असर डाल रहा है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की चालों के कारण देश में सरकारी विभागों की कार्यशीलता प्रभावित हो रही है और जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका किसी भी तरह से ईरान को अपने दबाव के तहत समझौते के लिए मजबूर करने की स्थिति में है, और इस मामले में कोई समझौता तभी संभव होगा जब ईरान पूरी तरह से तैयार हो।





