विश्व
फ्रांस में हिंसा के लिए ट्रंप ने इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार, जानिए क्या है पूरा मामला
jantaserishta.com
20 Oct 2026 1:11 PM IST

x
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की इमिग्रेशन नीति को लेकर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधा है। ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि पेरिस जल्द ही मुस्लिम शहर बन जाएगा। उन्होंने फ्रांस में जारी हिंसा और अशांति के लिए दूसरे देशों से लोगों को आने देने की नीति को जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने करीब आठ साल पहले भी मैक्रों को चेतावनी दी थी कि बड़ी संख्या में दूसरे देशों के लोगों को फ्रांस में प्रवेश देने का फैसला गलत साबित हो सकता है। उनका आरोप है कि फ्रांसीसी सरकार ने इस दिशा में जरूरी कदम नहीं उठाए। ट्रंप लंबे समय से इमिग्रेशन पर सख्ती करने की वकालत करते रहे हैं। हालांकि, पेरिस के भविष्य को लेकर ट्रंप की टिप्पणी उनका राजनीतिक दावा है। इसे फ्रांस की आबादी में होने वाले बदलाव का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
फ्रांस में मुस्लिम आबादी कितनी है?
प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, फ्रांस की आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी करीब 9 प्रतिशत है। वहीं, लगभग 46 प्रतिशत लोग ईसाई हैं और करीब 43 प्रतिशत किसी धर्म को नहीं मानते। हिंदू, बौद्ध और अन्य धर्मों के अनुयायियों की संख्या लगभग 1 प्रतिशत बताई गई है।
फ्रांस में जनगणना के दौरान आमतौर पर लोगों के धर्म से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से दर्ज नहीं की जाती। इस वजह से अलग-अलग सर्वेक्षणों में धार्मिक आबादी के आंकड़ों में अंतर मिल सकता है।
फ्रांस के 2019-20 के एक सरकारी सर्वे में 18 से 59 वर्ष के लोगों में 10 प्रतिशत ने खुद को मुस्लिम बताया था, जबकि 29 प्रतिशत ने कैथोलिक ईसाई होने की बात कही थी। सर्वे में 51 प्रतिशत लोगों ने किसी धर्म को नहीं मानने की जानकारी दी थी।
ट्रंप ने फ्रांस में हिंसा...
ट्रंप ने फ्रांस में हिंसा को इमिग्रेशन से जोड़कर देखा है, लेकिन देश में अशांति के पीछे दूसरे कारणों की भी चर्चा हो रही है। इनमें महंगाई, रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतें, आर्थिक दबाव, सरकारी सेवाओं को लेकर असंतोष और युवाओं की नाराजगी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, फ्रांस में दक्षिणपंथी नेताओं और कुछ टिप्पणीकारों ने इमिग्रेशन नीति को और सख्त बनाने की मांग की है। हालांकि, हिंसा की सभी घटनाओं को केवल प्रवासन से जोड़ना सही तस्वीर पेश नहीं करेगा। अलग-अलग घटनाओं के कारणों को समझने के लिए उनके स्थानीय संदर्भ और संबंधित सबूतों को देखना जरूरी है।
फ्रांस के कई शहरों में...
खबर में दी गई जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर को फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन के दौरान हिंसक घटनाएं हुईं। कुछ जगहों पर सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाने, दुकानों में लूटपाट और ऐतिहासिक भवनों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं। पेरिस में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों की भी जानकारी दी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने 2,400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। हिंसा को नियंत्रित करने के दौरान करीब 1,000 पुलिसकर्मियों और सैन्य जवानों के घायल होने का भी दावा किया गया है। इन आंकड़ों और सरकार की ओर से बताए गए प्रतिबंधों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार को सरकार की आपात बैठक बुलाई। खबर के मुताबिक, पेरिस, लिली और नीस सहित कई शहरों में कर्फ्यू लगाने की बात कही गई। जरूरत पड़ने पर आपातकाल लागू करने की संभावना भी जताई गई।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने...
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसक घटनाओं के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ और लूटपाट करने वालों को अपने कृत्यों के परिणाम भुगतने होंगे।
मैक्रों ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की कुछ मांगें जायज हो सकती हैं, लेकिन उनकी बातों को हिंसा करने वालों की गतिविधियों के साथ नहीं मिलाया जाना चाहिए। उन्होंने अपने ही देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के रवैये पर सवाल उठाए।
इमैनुएल मैक्रों इस समय राजनीतिक...
इमैनुएल मैक्रों इस समय राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं। महंगाई, आर्थिक सुस्ती, सरकारी कर्ज और शिक्षा व अन्य सार्वजनिक सेवाओं को लेकर असंतोष उनकी सरकार के लिए चुनौती बने हुए हैं।
खबर में दिए गए एक सर्वे के मुताबिक, मैक्रों के प्रति सकारात्मक राय रखने वालों की संख्या 15 प्रतिशत थी, जबकि 82 प्रतिशत लोगों ने उनके कामकाज पर नाराजगी जताई। हालांकि, किसी भी सर्वे के नतीजे को समझने के लिए उसकी तारीख, नमूने का आकार और सवाल पूछने का तरीका देखना जरूरी है।
फिलहाल, फ्रांस में हिंसा और सरकार की नीतियों को लेकर बहस जारी है। ट्रंप ने इस स्थिति को इमिग्रेशन से जोड़कर मैक्रों की आलोचना की है, जबकि फ्रांस में आर्थिक और सामाजिक असंतोष भी चर्चा का प्रमुख हिस्सा है।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





