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Washington वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक “बेहद उत्कृष्ट” और व्यापक बातचीत हुई, जिसमें व्यापार, सुरक्षा, वैश्विक राजनीति और ऊर्जा समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। ट्रंप ने इसे अमेरिका-चीन संबंधों के लिए अगले तीन वर्षों में सकारात्मक दिशा का संकेत बताया। ट्रंप के मुताबिक, यह बातचीत “लंबी और गहन” रही और इसमें व्यापार, सैन्य सहयोग, चीन की उनकी प्रस्तावित अप्रैल यात्रा, ताइवान, रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान की स्थिति और दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग जैसे विषय शामिल रहे।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “मैंने अभी चीन के राष्ट्रपति शी के साथ एक शानदार टेलीफोन बातचीत पूरी की है। यह एक लंबी और विस्तारपूर्ण बातचीत थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। आर्थिक मुद्दों पर विशेष जोर देते हुए ट्रंप ने कहा कि बातचीत में चीन द्वारा अमेरिका से ऊर्जा और कृषि उत्पादों की खरीद पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने “चीन द्वारा अमेरिका से तेल और गैस की खरीद” के साथ-साथ अमेरिकी कृषि उत्पादों की अतिरिक्त खरीद पर भी बात की।
ट्रंप ने कहा कि चीन मौजूदा सीजन में सोयाबीन की खरीद को बढ़ाकर 20 मिलियन टन करने पर विचार कर रहा है और अगले सीजन के लिए 25 मिलियन टन खरीदने की प्रतिबद्धता जता चुका है। इसके अलावा, बातचीत में विमानन और विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखलाओं का भी जिक्र हुआ। ट्रंप ने बताया कि “विमान इंजनों की डिलीवरी” सहित कई अन्य विषयों पर चर्चा हुई, जिन्हें उन्होंने “सभी बेहद सकारात्मक” करार दिया। ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को भी मजबूत बताते हुए कहा, “चीन के साथ मेरा रिश्ता और राष्ट्रपति शी के साथ मेरा व्यक्तिगत संबंध बेहद अच्छा है, और हम दोनों यह समझते हैं कि इसे बनाए रखना कितना जरूरी है।”
उन्होंने भविष्य को लेकर आशावाद जताते हुए कहा कि बीजिंग के साथ निरंतर संवाद से सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। ट्रंप ने कहा, “मुझे विश्वास है कि मेरे राष्ट्रपति कार्यकाल के अगले तीन वर्षों में राष्ट्रपति शी और जनवादी गणराज्य चीन से जुड़े कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।”
व्हाइट हाउस की ओर से इस बातचीत को लेकर कोई अलग आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि वाशिंगटन और बीजिंग रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर शीर्ष स्तर पर संपर्क में बने हुए हैं।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने चीन की आगामी अप्रैल यात्रा का भी जिक्र किया और कहा कि इस यात्रा पर भी चर्चा हुई, जिसे लेकर वे “खासे उत्साहित” हैं। यह यात्रा ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल के दौरान अमेरिका-चीन कूटनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
बातचीत के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान की मौजूदा स्थिति जैसे प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिनमें अमेरिका और चीन दोनों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम भूमिका है।
गौरतलब है कि अमेरिका और चीन के संबंध लंबे समय से सहयोग और प्रतिस्पर्धा के मिश्रण से परिभाषित रहे हैं। व्यापार, तकनीक, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य रणनीति और वैश्विक शासन जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद और संवाद दोनों देखने को मिलते रहे हैं। ताइवान एक बेहद संवेदनशील विषय बना हुआ है और ट्रंप द्वारा इसे बातचीत के एजेंडे में शामिल करना इस मुद्दे पर उच्च स्तर के ध्यान को दर्शाता है।
दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के रूप में अमेरिका और चीन के संबंधों का सीधा असर वैश्विक बाजारों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और भू-राजनीतिक स्थिरता पर पड़ता है।
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