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ट्रंप किम की दोस्ती फिर चर्चा में इस साल बैठक का किया ऐलान

Ratna Netam
20 Aug 2026 6:00 PM IST
ट्रंप किम की दोस्ती फिर चर्चा में इस साल बैठक का किया ऐलान
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वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि उनके और किम जोंग उन के बीच अच्छे संबंध हैं और वह इसी साल उनसे मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि व्यक्तिगत स्तर पर उनके किम के साथ बेहतर रिश्ते रहे हैं और बातचीत के जरिए कई मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की जा सकती है।
ट्रंप और किम जोंग उन के बीच इससे पहले भी कई ऐतिहासिक मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों नेताओं की पहली मुलाकात साल 2018 में सिंगापुर में हुई थी, जिसके बाद दुनिया की नजरें अमेरिका और उत्तर कोरिया के रिश्तों पर टिक गई थीं। इसके बाद 2019 में भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी।
ट्रंप ने क्यों जताई किम से मुलाकात की इच्छा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ उनका व्यक्तिगत संबंध काफी अच्छा रहा है। उन्होंने अपने पुराने संवाद का हवाला देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए सीधी बातचीत महत्वपूर्ण हो सकती है।
ट्रंप का मानना है कि नेताओं के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंध अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में मदद कर सकते हैं। इसी आधार पर वह किम जोंग उन के साथ दोबारा बैठक करने के इच्छुक नजर आ रहे हैं।
इसी साल मुलाकात का दावा
ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह साल 2026 के अंत तक किम जोंग उन से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने बैठक की तारीख, स्थान या एजेंडे को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का रास्ता खुला रहना चाहिए और कूटनीतिक प्रयासों से क्षेत्रीय तनाव को कम किया जा सकता है।
उत्तर कोरिया की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई?
ट्रंप के बयान के बाद उत्तर कोरिया की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आई है। किम जोंग उन की बहन और वरिष्ठ सलाहकार किम यो जोंग ने अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच किसी नए आधिकारिक संपर्क से इनकार किया है। हालांकि उन्होंने ट्रंप और किम के बीच पुराने व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र किया।
उत्तर कोरिया का रुख यह रहा है कि केवल व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर दोनों देशों के बीच बड़े राजनीतिक मुद्दों का समाधान आसान नहीं होगा।
परमाणु हथियारों को लेकर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि किम जोंग उन के पास बड़ी संख्या में परमाणु हथियार हैं। हालांकि, इस संबंध में अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय आकलन मौजूद हैं और अमेरिकी सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
उत्तर कोरिया लंबे समय से अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के निशाने पर रहा है।
पहले भी हुई थी ऐतिहासिक मुलाकात
डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन की 2018 की मुलाकात को ऐतिहासिक माना गया था क्योंकि यह किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरियाई नेता की पहली सीधी बैठक थी। इस बैठक में दोनों देशों ने शांति और परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर चर्चा की थी।
हालांकि, बाद की बातचीत में परमाणु हथियारों और प्रतिबंधों को लेकर सहमति नहीं बन पाई और वार्ता आगे नहीं बढ़ सकी।
दक्षिण कोरिया और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
ट्रंप के किम जोंग उन से दोबारा संपर्क बढ़ाने के प्रयासों को लेकर दक्षिण कोरिया और अन्य सहयोगी देशों में भी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-उत्तर कोरिया बातचीत से तनाव कम हो सकता है, जबकि कुछ लोग इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती मानते हैं।
कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य अभ्यास, मिसाइल परीक्षण और परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से विवाद के प्रमुख मुद्दे रहे हैं।
ट्रंप की कूटनीति पर फिर चर्चा
ट्रंप की विदेश नीति में व्यक्तिगत कूटनीति एक प्रमुख हिस्सा रही है। वह पहले भी कई बार कह चुके हैं कि दुनिया के नेताओं के साथ सीधे संवाद से बड़े विवादों को सुलझाने में मदद मिल सकती है।
किम जोंग उन के साथ उनकी दोस्ताना बातचीत को लेकर समर्थक इसे कूटनीतिक सफलता बताते हैं, जबकि आलोचक इसे उत्तर कोरिया पर दबाव कम करने वाला कदम मानते हैं।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि क्या ट्रंप और किम जोंग उन के बीच वास्तव में इस साल कोई बैठक होती है या नहीं। अगर दोनों नेताओं की मुलाकात होती है तो परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे सबसे अहम रहेंगे।
फिलहाल ट्रंप की घोषणा ने अमेरिका और उत्तर कोरिया के रिश्तों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
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