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टैरिफ वॉर में आमने सामने ट्रंप और डग फोर्ड कनाडा ने दी कड़ी चुनौती

Ratna Netam
25 Aug 2026 10:05 PM IST
टैरिफ वॉर में आमने सामने ट्रंप और डग फोर्ड कनाडा ने दी कड़ी चुनौती
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ओटावा। अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। टैरिफ विवाद के बीच कनाडा के ओंटारियो प्रांत के प्रीमियर **डग फोर्ड** ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जमकर हमला बोला है। फोर्ड ने ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते हुए उन्हें धमकाने वाला नेता बताया और कहा कि कनाडा दबाव में झुकने वाला नहीं है।
कभी ट्रंप की जीत पर खुशी जताने वाले डग फोर्ड अब उन्हीं के खिलाफ सबसे मुखर आवाजों में शामिल हो गए हैं। टैरिफ युद्ध गहराने के साथ दोनों देशों के रिश्तों में भी खटास बढ़ती जा रही है।
ट्रंप की टैरिफ नीति पर भड़के फोर्ड
अमेरिका की ओर से कनाडाई सामानों पर भारी टैरिफ लगाने के फैसले के बाद कनाडा में नाराजगी बढ़ गई है। ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के कुछ उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का कदम उठाया, जिसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी सामानों पर जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी की है।
डग फोर्ड ने कहा कि अमेरिका और कनाडा के बीच रिश्ते दोस्ती और साझेदारी पर आधारित रहे हैं, लेकिन मौजूदा व्यापार नीति ने दोनों देशों के बीच तनाव पैदा कर दिया है।
‘बुली’ और ‘तानाशाह’ तक पहुंची जुबानी जंग
टैरिफ विवाद के बीच डग फोर्ड ने ट्रंप की तुलना स्कूल के उस दबंग छात्र से की, जो दूसरों को डराकर अपनी बात मनवाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि कनाडा किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
फोर्ड ने ट्रंप की आलोचना करते हुए उन्हें तानाशाही रवैया अपनाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कनाडा अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
कभी ट्रंप समर्थक रहे थे डग फोर्ड
डग फोर्ड का राजनीतिक सफर भी इस विवाद को खास बनाता है। कुछ समय पहले तक वे ट्रंप के प्रति सकारात्मक रुख रखते थे, लेकिन जब अमेरिकी प्रशासन ने कनाडाई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाना शुरू किया तो फोर्ड का रुख पूरी तरह बदल गया।
उन्होंने कहा कि व्यापारिक साझेदारों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कनाडा ने भी दिखाए सख्त तेवर
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी अमेरिका की टैरिफ नीति का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका एकतरफा कदम उठाएगा तो कनाडा भी जवाब देगा।
कनाडा ने अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। दोनों देशों के बीच यह विवाद अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है।
बिजली और खनिज रोकने की चेतावनी
ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका दबाव बढ़ाता है तो कनाडा भी अपने संसाधनों का इस्तेमाल रणनीतिक तरीके से कर सकता है।
उन्होंने बिजली निर्यात, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य संसाधनों को लेकर कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
ओंटारियो अमेरिका के कई राज्यों को बिजली सप्लाई करता है, इसलिए फोर्ड की चेतावनी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
ऑटो सेक्टर पर बढ़ा संकट
अमेरिका और कनाडा की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे से काफी जुड़ी हुई हैं। खासकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में दोनों देशों के बीच गहरा व्यापारिक संबंध है।
टैरिफ बढ़ने से वाहन निर्माण कंपनियों, सप्लाई चेन और कर्मचारियों पर असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक चलने वाला व्यापार युद्ध दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है।
ट्रंप का पलटवार
डोनाल्ड ट्रंप ने भी कनाडाई नेताओं की आलोचना की है और अपनी टैरिफ नीति का बचाव किया है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका लंबे समय से व्यापार में नुकसान उठा रहा था और अब वह अपने हितों की रक्षा कर रहा है।
ट्रंप समर्थकों का तर्क है कि टैरिफ के जरिए अमेरिकी उद्योगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
कनाडा में बढ़ा राष्ट्रवादी माहौल
टैरिफ विवाद के बाद कनाडा में "बाय कनाडियन" जैसी भावनाएं मजबूत हुई हैं। कई लोग अमेरिकी उत्पादों और सेवाओं से दूरी बनाने की अपील कर रहे हैं।
राजनीतिक दलों में भी अमेरिका के खिलाफ एकजुटता देखने को मिल रही है।
आगे क्या होगा?
अमेरिका और कनाडा दोनों के लिए यह विवाद आसान नहीं है। दोनों देश एक-दूसरे के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। अगर तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर उद्योगों, उपभोक्ताओं और रोजगार पर पड़ सकता है।
फिलहाल बातचीत के रास्ते खुले हैं, लेकिन दोनों देशों के नेताओं के कड़े बयानों ने माहौल को और मुश्किल बना दिया है।
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