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वर्ल्ड | अमेरिका में डिपोर्टेशन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने अदालत के रोक के बावजूद कई अप्रवासियों को अल सल्वाडोर डिपोर्ट कर दिया। इस कदम ने अमेरिकी न्याय व्यवस्था और प्रवासन नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है मामला?
- अमेरिकी अदालत ने डिपोर्टेशन पर अस्थायी रोक लगाई थी, जिससे अप्रवासियों को कानूनी सहारा मिल सके।
- इसके बावजूद, ट्रंप प्रशासन ने अल सल्वाडोर भेजने की प्रक्रिया जारी रखी।
- कई अप्रवासियों को बिना उचित सुनवाई के देश से बाहर निकाला गया।
कानूनी विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
अमेरिकी कानूनविदों का कहना है कि यह सीधे तौर पर न्यायिक आदेश की अवहेलना है।
- मानवाधिकार संगठनों ने भी इस फैसले की निंदा की।
- अप्रवासियों के वकीलों ने इसे असंवैधानिक और अमानवीय करार दिया है।
ट्रंप प्रशासन का रुख
ट्रंप प्रशासन ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अवैध प्रवास पर सख्त नीति जारी रहेगी।
- सरकार का कहना है कि जो लोग गैरकानूनी रूप से अमेरिका आए हैं, उन्हें वापस भेजा जाना जरूरी है।
- डिपोर्टेशन नीति को लेकर अमेरिकी राजनीति गर्मा गई है।
क्या होगा आगे?
- अदालत के आदेश की अवहेलना को लेकर ट्रंप प्रशासन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- अप्रवासियों के समर्थन में अमेरिकी मानवाधिकार संगठन बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
- डेमोक्रेट्स ने इस मुद्दे को लेकर ट्रंप प्रशासन पर संवैधानिक संकट खड़ा करने का आरोप लगाया।
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