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अमेरिका कनाडा में बढ़ा ट्रेड वॉर पीएम कार्नी ने किया जवाबी टैरिफ का ऐलान

nidhi
23 Aug 2026 6:53 AM IST
अमेरिका कनाडा में बढ़ा ट्रेड वॉर पीएम कार्नी ने किया जवाबी टैरिफ का ऐलान
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टैरिफ विवाद गहराया कनाडा का अमेरिका को करारा जवाब

ओटावा: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका की ओर से लगाए गए नए टैरिफ के जवाब में जवाबी शुल्क लगाने का ऐलान किया है। कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिकी उत्पादों पर "डॉलर के बदले डॉलर" के आधार पर टैरिफ लगाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक विवाद को और गहरा सकता है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बताया कि कनाडा की ओर से लगाए जाने वाले जवाबी टैरिफ 8 सितंबर से लागू होंगे। इनका असर अमेरिका से आने वाले स्टील डेयरी उत्पाद इलेक्ट्रॉनिक्स घरेलू उपकरण कृषि उपकरण और अन्य सामानों पर पड़ सकता है।

अमेरिका के टैरिफ के बाद कनाडा का पलटवार
अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू किया है। इसके बाद कनाडा ने भी उसी स्तर पर जवाब देने का फैसला किया है। कार्नी ने कहा कि यह फैसला कनाडाई कामगारों किसानों परिवारों और उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है। दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। कनाडा का आरोप है कि अमेरिका की ओर से अंतिम समय में रखी गई शर्तें अस्वीकार्य थीं और इससे व्यापार समझौते पर असर पड़ा।
स्टील और डेयरी सेक्टर पर पड़ेगा असर
कनाडा के जवाबी टैरिफ का सबसे ज्यादा असर स्टील डेयरी इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि उपकरण जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत आर्थिक संबंधों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिका और कनाडा एक दूसरे के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। ऐसे में टैरिफ की यह लड़ाई उद्योगों के साथ साथ आम उपभोक्ताओं को भी प्रभावित कर सकती है।
कार्नी ने कहा कनाडा अपने हितों की रक्षा करेगा
मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा किसी दबाव में नहीं आएगा और अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित उद्योगों और कर्मचारियों की मदद के लिए सहायता योजनाएं भी तैयार करेगी। कार्नी के इस फैसले को कनाडा की ओर से अमेरिका की व्यापार नीति का कड़ा जवाब माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से उत्तरी अमेरिका के व्यापार समझौते पर भी सवाल उठने लगे हैं।
वैश्विक बाजार पर असर की आशंका
अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ता व्यापार विवाद वैश्विक बाजारों के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है। स्टील ऊर्जा कृषि और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच जल्द समझौता नहीं हुआ तो यह टैरिफ युद्ध लंबे समय तक चल सकता है और वैश्विक सप्लाई चेन पर भी दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और कनाडा के अगले कदम पर है। दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते खुले रहने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन फिलहाल व्यापारिक तनाव अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है।

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