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दलाई लामा की तस्वीरें और धार्मिक वीडियो मिलने के बाद तिब्बती भिक्षु पर कार्रवाई

Ratna Netam
21 Oct 2026 6:27 PM IST
दलाई लामा की तस्वीरें और धार्मिक वीडियो मिलने के बाद तिब्बती भिक्षु पर कार्रवाई
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धर्मशाला। चीन के नियंत्रण वाले तिब्बती क्षेत्र में धार्मिक स्वतंत्रता और बौद्ध भिक्षुओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक नया मामला सामने आया है। अमदो क्षेत्र के प्रसिद्ध राघ्या मठ के पूर्व मठाधीश लोबसांग तेनपा, जिन्हें तेनपा ग्यात्सो के नाम से भी जाना जाता है, को कथित तौर पर पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई है। तिब्बत टाइम्स की 17 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें अगस्त में हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें किंघाई प्रांत के शिनिंग शहर स्थित जेल भेज दिया गया। बताया गया है कि उनके मठ आवास की तलाशी के दौरान तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा की तस्वीरें और धार्मिक शिक्षाओं से संबंधित सामग्री मिली थी। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए औपचारिक आरोपों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
5 अगस्त को हिरासत में लिए गए थे पूर्व मठाधीश
तिब्बत टाइम्स के अनुसार, गोलोग प्रांत के माचेन काउंटी स्थित पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो के सुरक्षा अधिकारियों ने 5 अगस्त 2026 को लोबसांग तेनपा के मठ आवास पर कार्रवाई की थी।यह कार्रवाई ऐसे समय की गई, जब मठ में वार्षिक ग्रीष्मकालीन साधना का आयोजन चल रहा था। इस दौरान भिक्षु धार्मिक अध्ययन, ध्यान और प्रार्थनाओं में हिस्सा लेते हैं।रिपोर्ट में बताया गया कि अधिकारियों ने उनके आवास के दरवाजे पर चीनी भाषा में एक नोटिस चिपका दिया था। नोटिस में किसी भी व्यक्ति के अंदर प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया गया था।कार्रवाई के बाद शुरुआत में भिक्षु के ठिकाने और उनकी स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई थी।
आवास से मिलीं दलाई लामा की तस्वीरें
मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से तिब्बत टाइम्स ने बताया कि चीनी पुलिस ने लोबसांग तेनपा के मठ आवास की तलाशी ली थी।तलाशी के दौरान पूजा स्थल की एक अलमारी से दलाई लामा और मठ के प्रमुख आध्यात्मिक गुरु शिंग्ज़ा रिनपोछे की तस्वीरें मिलने की बात कही गई है।इसके अलावा अधिकारियों को एक यूएसबी ड्राइव भी मिली, जिसमें दलाई लामा की धार्मिक शिक्षाओं से संबंधित वीडियो और अन्य सामग्री मौजूद थी।हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन्हीं सामग्रियों के आधार पर पूर्व मठाधीश के खिलाफ कार्रवाई की गई या उन पर अन्य आरोप भी लगाए गए थे।
अक्टूबर में सुनाई गई पांच साल की सजा
रिपोर्ट के अनुसार, हिरासत में लिए जाने के बाद लोबसांग तेनपा को गोलोग क्षेत्र में रखा गया था।इसके बाद लगभग 5 अक्टूबर 2026 को उन्हें पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई। सजा के बाद उन्हें शिनिंग स्थित एक बड़ी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।बताया गया है कि इस जेल को पहले ब्रिक फैक्ट्री के नाम से जाना जाता था।मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि सुनवाई के दौरान तेनपा को वकील उपलब्ध कराया गया था या नहीं। इसके अलावा उनके परिवार को मुकदमे और सजा की आधिकारिक जानकारी दी गई थी या नहीं, यह भी अज्ञात है।
दलाई लामा के जन्मदिन पर भी हुई थी कार्रवाई
तिब्बत टाइम्स ने दावा किया कि लोबसांग तेनपा को इससे पहले भी चीनी अधिकारियों ने हिरासत में लिया था।वर्ष 2025 में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के अवसर पर तेनपा ने स्थानीय खानाबदोश समुदाय के लोगों को दलाई लामा की लंबी आयु के लिए प्रार्थनाएं याद करने के लिए प्रोत्साहित किया था।रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने प्रार्थनाएं याद करने वाले लोगों को पुरस्कार भी दिए थे।इसी गतिविधि के बाद स्थानीय पुलिस ने उन्हें कई महीनों तक हिरासत में रखा था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था।
क्षेत्र में कड़ी निगरानी का दावा
तिब्बत टाइम्स के सूत्र ने बताया कि राघ्या मठ और आसपास के इलाकों में सुरक्षा संबंधी प्रतिबंध काफी सख्त हो गए हैं।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्थानीय लोग पूर्व मठाधीश के मामले में खुलकर बातचीत करने से भी डर रहे हैं।इससे उनके स्वास्थ्य, जेल में रहने की परिस्थितियों और परिवार से संपर्क को लेकर विश्वसनीय जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर फिर उठे सवाल
लोबसांग तेनपा का मामला तिब्बती बौद्ध समुदाय की धार्मिक गतिविधियों और चीनी प्रशासन की नीतियों को लेकर नई चर्चा का विषय बन गया है।तिब्बती समुदाय में दलाई लामा को महत्वपूर्ण आध्यात्मिक गुरु माना जाता है। उनके चित्रों और शिक्षाओं का धार्मिक जीवन में विशेष स्थान है।ऐसे में धार्मिक सामग्री मिलने के बाद कथित हिरासत और सजा की खबर ने धार्मिक स्वतंत्रता तथा कानूनी पारदर्शिता से जुड़े सवाल खड़े किए हैं।हालांकि, तिब्बत टाइम्स और फयुल की रिपोर्टों में वर्णित घटनाक्रम की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। चीनी अधिकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों और अदालत के फैसले का विस्तृत विवरण भी सामने नहीं आया है।फिलहाल लोबसांग तेनपा की कानूनी स्थिति, जेल में उनकी परिस्थितियों और परिवार से संपर्क को लेकर अधिक आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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