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टोक्यो। जापान में रह रहे तिब्बती समुदाय ने नए प्रतिनिधि लोबसांग चोएडक का स्वागत करते हुए तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर ‘ऑफिस ऑफ तिब्बत’ के साथ अपना सहयोग जारी रखने की पुष्टि की है। इस अवसर पर तिब्बती समुदाय की सांस्कृतिक पहचान, भाषा, धार्मिक परंपराओं और तिब्बत से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। नए प्रतिनिधि ने जापान में तिब्बत के प्रति समझ विकसित करने और स्थानीय समर्थकों के साथ संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
लोबसांग चोएडक ने संभाली नई जिम्मेदारी
लोबसांग चोएडक को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने जापान और पूर्वी एशिया में दलाई लामा के प्रतिनिधि कार्यालय का नया प्रतिनिधि नियुक्त किया है। उन्होंने 28 और 29 सितंबर 2026 को टोक्यो स्थित तिब्बत हाउस जापान में पदभार संभालने की प्रक्रिया पूरी की। इससे पहले इस पद पर डॉ. त्सेवांग ग्यालपो आर्य कार्यरत थे।चोएडक इससे पहले केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के विभिन्न विभागों में जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वे 2017 से 2021 तक जापान में दलाई लामा के कार्यालय में सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं। इस अनुभव के आधार पर उनसे जापान में तिब्बत से जुड़े सांस्कृतिक और सामाजिक संपर्कों को आगे बढ़ाने की अपेक्षा की जा रही है।
तिब्बती समुदाय के साथ हुई बैठक
4 अक्टूबर को लोबसांग चोएडक ने तिब्बत हाउस जापान में जापान में रह रहे तिब्बती समुदाय के सदस्यों को संबोधित किया। इस बैठक का उद्देश्य नए प्रतिनिधि का परिचय कराना और समुदाय के साथ आगे के सहयोग पर चर्चा करना था।बैठक में तिब्बती भाषा, संस्कृति और धार्मिक पहचान को संरक्षित रखने के प्रयासों पर जोर दिया गया। नए प्रतिनिधि ने कहा कि तिब्बती समुदाय की विशिष्ट पहचान को बनाए रखना और जापानी समाज में तिब्बत से जुड़े मुद्दों की समझ बढ़ाना उनके काम की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
जापानी समर्थकों के साथ सहयोग मजबूत करने पर जोर
नए प्रतिनिधि ने पदभार संभालने के बाद जापान के उन सांसदों और समूहों से भी संपर्क किया, जो तिब्बत से संबंधित मुद्दों का समर्थन करते हैं। 30 सितंबर को जापान की संसद में तिब्बत समर्थक समूह के सदस्यों के साथ बैठक हुई। इसमें सांसद एरिको यामातानी और अकिमासा इशिकावा सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।बैठक में जापान और तिब्बत के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने तथा तिब्बत से जुड़े विषयों पर संवाद जारी रखने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। जापानी प्रतिनिधियों ने पूर्व प्रतिनिधि डॉ. त्सेवांग ग्यालपो आर्य के योगदान की सराहना की और लोबसांग चोएडक को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
भाषा और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण प्राथमिकता
लोबसांग चोएडक ने अपने संदेश में कहा कि तिब्बती भाषा, धर्म, संस्कृति और सामुदायिक पहचान के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने जापान के नागरिकों, राजनीतिक नेताओं और मीडिया के बीच तिब्बत से संबंधित विषयों की समझ बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।उन्होंने जापान और तिब्बत के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा आपसी मित्रता को मजबूत करने की आवश्यकता भी रेखांकित की। उनके अनुसार, स्थानीय समुदायों, स्वयंसेवकों और समर्थकों का सहयोग कार्यालय की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
आगे भी जारी रहेगा सहयोग
नए प्रतिनिधि के स्वागत के साथ जापान में तिब्बती समुदाय और तिब्बत हाउस जापान के बीच सहयोग जारी रखने का संदेश दिया गया है। कार्यालय की ओर से जापानी समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क बढ़ाने और सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने के प्रयास जारी रखने की बात कही गई है।इस बदलाव को कार्यालय के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने और तिब्बती समुदाय तथा जापानी समर्थकों के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
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