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बेहद चौंकाने वाला है यह इंडोनेशियाई परंपरा, परिवार के सदस्य की मृत्यु पर महिलाओं का काटनी पड़ती है अंगुली

Shiddhant Shriwas
1 Nov 2021 4:29 PM IST
बेहद चौंकाने वाला है यह इंडोनेशियाई परंपरा, परिवार के सदस्य की मृत्यु पर महिलाओं का काटनी पड़ती है अंगुली
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कई बार हमें ऐसी अजीबोगरीब परंपराओं के बारे में पता चलती है, जिसपर यकीन कर पाना मुमकिन नहीं होता. कुछ ऐसी ही एक इंडोनेशियाई परंपरा के बारे में पता चली

दुनिया में कई अजीबोगरीब रीति-रिवाज और परंपराएं हैं, जिसके बारे में जानने के बाद हम बेहद हैरान हो जाते हैं. भारत समेत ऐसे कई तमाम देश हैं, जो अपनी परंपराओं की छोड़ना नहीं चाहते. हालांकि, कुछ ऐसी भी परंपराएं हैं, जिसपर उस देश की सरकारों ने भी पाबंदी लगा दी. जी हां, क्या आपने कभी सुना है कि किसी परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद उस घर की महिलाओं को अपनी अंगुलियों को काटना पड़ता है? अगर नहीं तो चलिए हम आपको इस परंपरा के बारे में बताते हैं, जो आज भी लोग इस परंपरा को ना सिर्फ मानते हैं, बल्कि उसका पालन भी करते हैं. यह रीति-रिवाज बेहद ही चौंकाने वाले हैं.

बेहद चौंकाने वाला है यह इंडोनेशियाई परंपरा

जब भी कोई अपने परिवार के सदस्य को खोता है तो वह इमोशनली दर्द को झेलता है. लोग उनके दर्द को कम करने के लिए आगे आते हैं और साथ खड़े होते हैं, लेकिन इंडोनेशिया के एक जनजाति इससे भी ज्यादा दर्द से गुजरती है, जब उस घर की महिलाओं को अपनी अंगुलियों को भी काटना पड़ता है. news.com.au के मुताबिक, दानी जनजाति की महिलाओं को इमोशनल दर्द के अलावा शारीरिक दर्द का भी सामना करना पड़ता है. जब उनके प्रियजनों की मृत्यु हो जाती है, तो इस इंडोनेशियाई जनजाति की महिला सदस्यों को अनुष्ठान में अंगुलियों के ऊपरी आधे हिस्से को काट दिया जाता है.

परिवार के सदस्य की मृत्यु पर महिलाओं का काटनी पड़ती है अंगुली

यह माना जाता है कि अंगुली काटने से मृत व्यक्ति की बेचैन आत्मा दूर रहती है, साथ ही यह शोक के दर्द का प्रतीक भी है. इतना ही नहीं, कुछ बच्चों की अंगुलियों को उनकी माताओं द्वारा काट दिया जाता है. इस प्रथा को इकिपलिन (Ikipalin) कहा जाता है. अंगुलियों को काटने की इस असामान्य प्रथा को इंडोनेशियाई सरकार ने कुछ साल पहले प्रतिबंधित कर दिया था. इस जनजाति की कई बड़ी महिला सदस्यों को उनके हाथों से पहचाना जा सकता है, और यह माना जाता है कि यह प्रथा अभी भी गुप्त रूप से जारी है.

आखिर कितनी है इस प्रजाति की जनसंख्या?

ढाई लाख से अधिक जनसंख्या वाली यह जनजाति पश्चिमी न्यू गिनी के ऊंचे और घने इलाकों के अंदर रहती है. 1938 में अमेरिकी एक्सप्लोरर रिचर्ड आर्कबोल्ड ने जब इस इलाके में उड़ान भरी थी तो इसकी जानकारी उन्हें मिली, जिन्होंने यह रिपोर्ट किया था. इस जनजाति के पुरुष अपने प्राइवेट पार्ट के ऊपर अलंकृत म्यान भी पहनते हैं और अपने मृतकों की ममी बनाकर रखते हैं.

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