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अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने पांच दिन का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया

jantaserishta.com
7 Sept 2026 12:11 PM IST
अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने पांच दिन का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया
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सोल: अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने सोमवार को पांच दिन का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया। यह अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है जबकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर सोल और वॉशिंगटन के बीच होने वाले कुछ प्रमुख सैन्य अभ्यासों को सीमित कर दिया गया था।
दक्षिण कोरिया की संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने एक बयान में बताया कि 'फ्रीडम एज' नाम का यह बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभ्यास दक्षिण कोरिया के दक्षिणी द्वीप जेजू के पूर्व और दक्षिण में स्थित अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में शुरू हुआ।
जेसीएस ने कहा, "तीनों देश इस अभ्यास के जरिए समुद्री, हवाई और साइबर जैसे कई क्षेत्रों में अपनी संयुक्त संचालन क्षमता और आपसी प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करेंगे। साथ ही वे एक मजबूत और स्थिर सहयोगी संबंध बनाए रखेंगे।"
दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, इस अभ्यास में तीनों देशों की नौसेना और वायुसेना की प्रमुख सैन्य संपत्तियां शामिल होंगी। संचालन को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए एक संयुक्त नियंत्रण समूह भी निगरानी करेगा।
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जेसीएस ने कहा कि यह एक वार्षिक और रक्षात्मक प्रकृति का अभ्यास है, जिसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानकों के अनुसार आयोजित किया जा रहा है।
उसने कहा, "इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरों के खिलाफ रोकथाम और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करना है, साथ ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना भी है।"
जून 2024 में शुरू हुए इस अभ्यास का यह चौथा संस्करण है। पिछले महीने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' (यूएफएस) अभ्यास को आधा कर दिए जाने के बावजूद इसे तय समय पर आयोजित किया जा रहा है।
यूएफएस अभ्यास को ट्रंप के निर्देश के बाद आधा कर दिया गया था। इसे उत्तर कोरिया के प्रति एक नरम रुख दिखाने की कोशिश माना गया। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों को युद्ध की तैयारी बताकर इसकी आलोचना करता रहा है।
सोमवार को जारी जानकारी में जेसीएस ने यह नहीं बताया कि 'फ्रीडम एज' में कौन-कौन से सैन्य उपकरण और जहाज शामिल होंगे। हालांकि, एक अधिकारी ने पहले कहा था कि इस साल का अभ्यास आकार और दायरे में पिछले वर्षों जैसा ही होगा।
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, तीनों देश छह एजिस-सिस्टम से लैस विध्वंसक युद्धपोत, समुद्री निगरानी विमान, लड़ाकू विमान और ईंधन भरने वाले टैंकर विमान तैनात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि दक्षिण कोरियाई नौसेना 7,600 टन वजनी आरओकेएस युलगोक यी प्रथम और आरओकेएस सियोए रयू सियोंग-र्योंग विध्वंसक युद्धपोतों को तैनात कर रही है।
जापान के संयुक्त स्टाफ ने पिछले महीने बताया था कि वह 7,700 टन के 'अटागो' और 5,100 टन के 'असाही' विध्वंसक युद्धपोत, पी-1 समुद्री निगरानी विमान, एसएच-60के हेलीकॉप्टर और एफ-15 लड़ाकू विमान भेजेगा।
अमेरिकी नौसेना के 7वें बेड़े ने पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर बताया था कि उसका 6,900 टन वजनी 'आर्ले बर्क श्रेणी का विध्वंसक युद्धपोत यूएसएस बेनफोल्ड दक्षिण कोरिया के बुसान बंदरगाह पहुंच गया है। इसे इस संयुक्त अभ्यास में उसकी संभावित भागीदारी का संकेत माना जा रहा है।
पिछले साल यह अभ्यास अमेरिकी विमानवाहक पोत के बिना आयोजित किया गया था। जून 2024 में शुरू होने के बाद यह पहला मौका था जब अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर इसमें शामिल नहीं हुआ, क्योंकि उस समय अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक समूहों को मध्य पूर्व में तैनात किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण इस सप्ताह होने वाले फ्रीडम एज अभ्यास में भी किसी अमेरिकी विमानवाहक पोत के शामिल होने की उम्मीद नहीं है।
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