विश्व

अमेरिका ने वीजा के लिए सोशल मीडिया की जांच का दायरा बढ़ाया

Tara Tandi
3 Oct 2026 12:53 PM IST
अमेरिका ने वीजा के लिए सोशल मीडिया की जांच का दायरा बढ़ाया
x
वॉशिंगटन: अमेरिका ने वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले विदेशी पत्रकारों और कुछ प्रोफेशनल्स की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ा दिया है। अब उन्हें अपनी सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल पब्लिक करनी होगी। यह कड़ी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत पहले से ही H-1B वर्कर और विदेशी छात्र आते हैं।
यह नया नियम 1 अक्टूबर से लागू हुआ है। इसमें विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए जारी होने वाले 'I वीज़ा', योग्य कनाडाई और मैक्सिकन प्रोफेशनल्स के लिए 'TN वीज़ा' और उनके आश्रितों (डिपेंडेंट्स) के लिए 'TD वीज़ा' के आवेदक शामिल हैं।
स्टेट डिपार्टमेंट ने पिछले महीने इस विस्तार की घोषणा की थी, लेकिन यह नियम बुधवार से लागू हुआ।
स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा, "इस जांच प्रक्रिया में मदद के लिए, I, TD और TN नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा के सभी आवेदकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी सभी सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल की प्राइवेसी सेटिंग को 'पब्लिक' या 'ओपन' पर सेट करें।"
यह बदलाव उन विदेशी पत्रकारों के लिए खास तौर पर अहम है जो प्रोफेशनल काम के सिलसिले में अमेरिका जा रहे हैं, क्योंकि 'I-वीज़ा' आवेदक अब साफ़ तौर पर ऑनलाइन मौजूदगी की जांच के दायरे में आ गए हैं।
यह कदम उस व्यापक स्क्रीनिंग सिस्टम का हिस्सा है जो कई वीज़ा कैटेगरी पर असर डालता है। इन कैटेगरी का इस्तेमाल बड़ी संख्या में भारतीय करते हैं जो अमेरिका जाते हैं, वहां पढ़ाई करते हैं या काम करते हैं।
स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि ऑनलाइन जांच पहले से ही H-1B अस्थायी वर्कर और H-4 आश्रितों, साथ ही H-3 ट्रेनी पर लागू होती है।
इसमें F-1 और M-1 छात्र और उनके F-2 और M-2 आश्रित, J-1 और J-2 एक्सचेंज विज़िटर और कई अन्य नॉन-इमिग्रेंट कैटेगरी भी शामिल हैं।
जिन अन्य वीज़ा कैटेगरी की जांच पहले से हो रही है, उनमें कुछ डिप्लोमैटिक और ऑफिशियल वीज़ा, धार्मिक वर्कर के लिए वीज़ा, इंटरनेशनल कल्चरल एक्सचेंज में हिस्सा लेने वाले और मंगेतर (फियांसे) वीज़ा शामिल हैं।
स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि आवेदकों की स्क्रीनिंग करते समय वह उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल यह तय करने के लिए करता है कि वे देश में आने के योग्य हैं या नहीं।
विभाग ने कहा, "वीज़ा स्क्रीनिंग और जांच के दौरान, हम जानकारी के हर उपलब्ध स्रोत का इस्तेमाल उन आवेदकों की पहचान करने के लिए करते हैं जिन्हें अमेरिका में आने की इजाज़त नहीं दी जा सकती, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं।"
विभाग ने आगे कहा, "हम वीज़ा के सभी आवेदकों पर जांच का यह कड़ा मानक एक समान रूप से लागू करते हैं।"
विभाग ने अपनी घोषणा में यह साफ़ नहीं किया कि आवेदकों की सोशल मीडिया एक्टिविटी का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा या कौन सी पोस्ट या ऑनलाइन एक्टिविटी वीज़ा के फ़ैसले पर असर डाल सकती है। हालांकि, सोशल मीडिया अकाउंट्स को पब्लिक करने की ज़रूरत से कॉन्स्युलर अधिकारियों को वीज़ा मंज़ूरी की प्रक्रिया के दौरान आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी की जांच करने में ज़्यादा आसानी होती है।
स्टेट डिपार्टमेंट ने वीज़ा मंज़ूरी की प्रक्रिया को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फ़ैसला बताया और कहा कि आवेदकों को उस कैटेगरी के लिए अपनी योग्यता साबित करनी होगी जिसके लिए वे आवेदन कर रहे हैं।
विभाग ने कहा, "हर वीज़ा मंज़ूरी का फ़ैसला असल में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फ़ैसला होता है।"
"अमेरिका वीज़ा जारी करने की पूरी प्रक्रिया के दौरान इस बात का ध्यान रखता है कि आवेदक अमेरिकियों को नुकसान न पहुँचाएँ या अमेरिकी हितों के लिए खतरा न बनें, और हर आवेदक माँगे गए वीज़ा के लिए अपनी योग्यता भरोसेमंद तरीके से साबित कर सके—जिसमें प्रवेश की शर्तों का पालन करने का सच्चा इरादा भी शामिल है।"
विभाग ने यह भी कहा कि अमेरिकी वीज़ा मिलना "सरकार की मर्ज़ी से मिलने वाला एक विशेषाधिकार है, न कि कोई अधिकार।"
यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी अधिकारी इमिग्रेशन और वीज़ा स्क्रीनिंग में आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी को तेज़ी से शामिल कर रहे हैं। ताज़ा बदलाव में उन लोगों के एक और समूह की भी समीक्षा शामिल है, जिन्हें अक्सर काम के सिलसिले में अमेरिका की यात्रा करनी पड़ती है; इनमें विदेशी मीडिया संगठनों के संवाददाता और दूसरे प्रतिनिधि शामिल हैं।
Next Story