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नदी किनारे बना था घर फिर भी नहीं टूटा मालिक ने बताई पूरी कहानी
Ratna Netam
1 Sept 2026 5:15 PM IST

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नेपाल : आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। तेज बहाव, मलबे और पानी के दबाव ने कई घरों और बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक ऐसा घर चर्चा का विषय बन गया, जो चारों ओर तबाही के बावजूद मजबूती से खड़ा रहा। करीब 40 साल पुराने इस मकान ने बाढ़ के भयानक प्रहार को झेल लिया। घर के मालिक ने बताया कि इस मकान को बनाने में काफी मेहनत और पैसा लगाया गया था।
बाढ़ के बाद जब आसपास के कई घर क्षतिग्रस्त हो गए, तब यह पुराना मकान लोगों के लिए हैरानी और चर्चा का केंद्र बन गया। सोशल मीडिया पर भी इस घर की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें दिख रहा था कि चारों तरफ पानी और मलबा होने के बावजूद यह घर अपनी जगह पर खड़ा है।
40 साल पुराने घर ने झेला बाढ़ का कहर
घर के मालिक प्रकाश ने बताया कि यह मकान करीब 35 से 40 साल पुराना है। उन्होंने कहा कि उस समय घर निर्माण में सीमेंट और लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया गया था। परिवार ने इस घर को बनाने और मजबूत रखने में काफी खर्च किया था।
उन्होंने बताया कि घर सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि परिवार की वर्षों की मेहनत और यादों से जुड़ा हुआ है। बाढ़ के दौरान जब आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मची हुई थी, तब सबसे बड़ी चिंता परिवार की सुरक्षा और घर को लेकर थी।
तेज बहाव के बीच भी नहीं टूटी मजबूती
नेपाल की बाढ़ में कई इलाकों में पानी अपने साथ मिट्टी, पत्थर और मलबा लेकर आया। इस तरह के फ्लैश फ्लड में कमजोर निर्माण आसानी से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। लेकिन यह पुराना मकान मजबूत नींव और निर्माण गुणवत्ता के कारण बच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में घर की नींव, पिलर, बीम और निर्माण की तकनीक अहम भूमिका निभाती है। मजबूत आरसीसी संरचना और सही डिजाइन किसी भी इमारत को प्राकृतिक आपदा के दौरान अतिरिक्त मजबूती दे सकते हैं।
परिवार ने देखी तबाही की भयावह तस्वीर
घर के मालिक ने बताया कि बाढ़ के दौरान हालात बेहद डरावने थे। पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा था और आसपास के कई हिस्सों में नुकसान हो रहा था। परिवार लगातार इस बात को लेकर चिंतित था कि कहीं पानी घर को भी नुकसान न पहुंचा दे।
लेकिन जब पानी कम हुआ तो उन्होंने देखा कि घर सुरक्षित खड़ा है। यह उनके लिए किसी राहत से कम नहीं था। परिवार ने बताया कि इस घर से उनकी भावनाएं जुड़ी हुई हैं और इसे बनाने में कई सालों की मेहनत लगी थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ घर
बाढ़ के बीच सुरक्षित बचे इस घर की तस्वीरों ने लोगों का ध्यान खींचा। कई लोगों ने इसे मजबूत निर्माण का उदाहरण बताया तो कुछ ने इसे प्रकृति के बीच उम्मीद की एक तस्वीर बताया।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपदा में सिर्फ एक कारण से घर सुरक्षित नहीं रहता। निर्माण गुणवत्ता, जमीन की स्थिति, पानी के बहाव की दिशा और आसपास की परिस्थितियां भी अहम भूमिका निभाती हैं।
आपदा के बीच मजबूत निर्माण का संदेश
नेपाल की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मजबूत और वैज्ञानिक तरीके से बने मकान कितने महत्वपूर्ण होते हैं। जहां कमजोर संरचनाएं तेज बहाव में टूट गईं, वहीं यह पुराना घर मजबूती के साथ खड़ा रहा।
घर के मालिक के लिए यह सिर्फ एक मकान नहीं बल्कि परिवार की सुरक्षा और वर्षों की मेहनत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पुराने समय में भी निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया था, जिसका फायदा आज देखने को मिला।
नेपाल की बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है और कई परिवारों ने अपना घर और सामान खो दिया है। ऐसे समय में 40 साल पुराने इस घर की कहानी लोगों के बीच उम्मीद और मजबूती की मिसाल बनकर सामने आई है।
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