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जिंदगी की जंग ऑक्सीजन के सहारे बचाव अभियान
काठमांडू: नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे 121 कर्मचारियों को बचाने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे और कीचड़ से भरी सुरंगों में फंसे लोगों तक जीवन रक्षक सामग्री पहुंचाने के लिए पाइप के जरिए ऑक्सीजन भेजी जा रही है। बचाव दल दिन-रात सुरंगों तक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटे हैं।
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। इस आपदा का सबसे ज्यादा असर हाइड्रोपावर परियोजनाओं पर पड़ा, जहां कई सुरंगें मलबे से भर गईं। अधिकारियों के अनुसार कई कर्मचारी अब भी लापता हैं और कुछ के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है।
सुरंगों में पहुंचाई जा रही ऑक्सीजन
रेस्क्यू टीमों ने फंसे हुए कर्मियों तक हवा पहुंचाने के लिए विशेष पाइपलाइन का इस्तेमाल शुरू किया है। सुरंगों के अंदर ऑक्सीजन पहुंचाकर वहां मौजूद लोगों के जीवित होने की उम्मीद को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही कैमरे और अन्य उपकरणों की मदद से अंदर की स्थिति का पता लगाया जा रहा है। बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती सुरंगों में जमा भारी मलबा, पानी और खराब मौसम बना हुआ है। इसके बावजूद नेपाली सेना, स्थानीय राहत दल और विशेषज्ञ लगातार अभियान चला रहे हैं।
पहले भी मिली है जिंदगी की उम्मीद
इस आपदा के बीच राहत की उम्मीद तब बढ़ी जब बचाव दलों ने त्रिशूली हाइड्रोपावर सुरंग से दो कर्मचारियों को नौ दिन बाद जिंदा बाहर निकाला था। दोनों कर्मचारियों के मिलने से सुरंगों में फंसे अन्य लोगों के बचने की उम्मीद और मजबूत हुई। बचाए गए कर्मचारियों ने बताया कि सुरंग के अंदर कुछ अन्य लोग भी मौजूद हो सकते हैं। इसके बाद राहत टीमों ने अपनी रणनीति और तेज कर दी है।
कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित
आपदा के कारण नेपाल की कई जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। कुछ सुरंगों में बड़ी मात्रा में मलबा भर गया है, जिससे बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया है। विशेषज्ञों की मदद से सुरंगों के नक्शे और संरचना को समझकर सुरक्षित रास्ता तलाशा जा रहा है। रेस्क्यू टीमों का मुख्य लक्ष्य फंसे हुए लोगों तक जल्द पहुंचना है। इसके लिए ड्रिलिंग मशीन, ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
परिवारों को बची है उम्मीद
सुरंगों में फंसे कर्मचारियों के परिवार लगातार अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं। कई परिवारों ने प्रशासन से बचाव अभियान तेज करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी संभावनाएं खत्म नहीं हो जातीं, तब तक खोज और बचाव अभियान जारी रहेगा। नेपाल की इस आपदा ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और सुरक्षित निर्माण व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर उन सुरंगों पर टिकी है, जहां 121 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जिंदगी की जंग जारी है।
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