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Beijing बीजिंग। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने 4 मार्च को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति के कार्यान्वयन पर आयोजित एक ब्रीफिंग में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी प्रकार के चुनिंदा दृष्टिकोण और दोहरे मापदंडों का कड़ा विरोध करना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के मूल कारणों को समाप्त करने के लिए संघर्ष और ग़रीबी को कम करने तथा विभिन्न सभ्यताओं की विविधता और आपसी सम्मान को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
फू थ्सोंग ने कहा कि लगभग 20 वर्ष पहले अपनाई गई संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति ने आतंकवाद को रोकने और उससे मुकाबला करने, सदस्य देशों की आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को मजबूत करने तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवाद विरोधी प्रयासों में केंद्रीय समन्वय भूमिका निभाते रहने का समर्थन करता है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में आतंकवाद कई जटिल कारकों से जुड़ता जा रहा है, जिनमें सशस्त्र संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, सामाजिक असमानता तथा उभरती प्रौद्योगिकियों का दुरुपयोग शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति की नौवीं समीक्षा को एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अफ़्रीकी देशों और अफ़्रीकी संघ जैसे क्षेत्रीय संगठनों के साथ सहयोग को गहरा करना आवश्यक है, ताकि अफ़्रीका को अपनी आतंकवाद विरोधी क्षमता को मज़बूत करने में प्रभावी सहायता मिल सके।
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