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ईरान अमेरिका में तनाव बढ़ा दो तेल टैंकरों में धमाकों का दावा
Ratna Netam
24 Oct 2026 3:52 PM IST

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तेहरान। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी परिस्थिति में अमेरिकी युद्धपोतों को फारस की खाड़ी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देंगे। दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने के कारण दो विशाल तेल टैंकरों में विस्फोट हो गया। दोनों जहाजों में कुल 45 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल मौजूद था। हालांकि, टैंकरों में विस्फोट की घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान ने जताया नियंत्रण
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने दावा किया है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना हुआ है। इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी अधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।ईरानी अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को दो सुपरटैंकर जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। तेहरान ने इस रास्ते को अनधिकृत बताया है।आईआरजीसी के मुताबिक, दोनों जहाज समुद्री बारूदी सुरंगों से टकरा गए। इसके बाद उनके इंजन कक्षों में विस्फोट हुए और भीषण आग लग गई। आग के कारण जहाजों के इंजन बंद हो गए और वे आगे बढ़ने में असमर्थ हो गए।ईरानी बयान के अनुसार, स्थिति गंभीर होने के बाद चालक दल के सदस्यों ने जहाज छोड़ दिए। हालांकि, संबंधित जहाजों की पहचान और नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अमेरिकी युद्धपोतों को नहीं देंगे प्रवेश
ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना अब फारस की खाड़ी में पहले जैसी स्थिति में नहीं है।ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, अब्दुल्लाही ने दावा किया कि ईरानी सेनाओं ने क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की प्रभावशीलता को कमजोर कर दिया है।उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कहा कि अमेरिकी सेना के फारस की खाड़ी में दोबारा प्रवेश करने की कल्पना अब केवल सपना बनकर रह जाएगी।अब्दुल्लाही ने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी समय और किसी भी परिस्थिति में अमेरिकी सैन्य जहाजों को फारस की खाड़ी में प्रवेश नहीं करने देगा।
ट्रंप के परमाणु ठिकानों वाले दावे पर सवाल
ईरानी सैन्य प्रमुख ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन बयानों पर भी सवाल उठाए, जिनमें ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने का दावा किया गया था।अब्दुल्लाही ने कहा कि यदि अमेरिका वास्तव में ईरान की परमाणु सुविधाओं को समाप्त कर चुका है, तो फिर वाशिंगटन लगातार उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता क्यों जता रहा है।उन्होंने अमेरिकी दावों को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर बताने के बावजूद अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास आने से बच रहे हैं।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ सकता है संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।ऐसे में इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार और समुद्री परिवहन के सामने मुश्किलें बढ़ सकती हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार सैन्य तनाव और समुद्री मार्गों पर प्रतिबंधों से तेल ढुलाई की लागत तथा बीमा खर्च प्रभावित हो सकते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी तनातनी
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव लगातार बना हुआ है। वाशिंगटन की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के बीच तेहरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है।फिलहाल ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी सैन्य मौजूदगी और समुद्री मार्गों पर नियंत्रण बनाए रखने का दावा किया है। वहीं, अमेरिकी युद्धपोतों को लेकर दिए गए बयान ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बनी रह सकती है।
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