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मिडिल ईस्ट तैनाती से परेशान जवानों ने उठाया कदम
यरुशलम : अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर तैनात कुछ नौसैनिकों द्वारा कथित तौर पर समुद्र में कूदने की कोशिश किए जाने की खबर सामने आई है। लंबे समय से जारी मिडिल ईस्ट तैनाती और बढ़ते मानसिक दबाव के कारण जहाज पर मौजूद सैनिकों की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, USS अब्राहम लिंकन पर तैनात करीब 5,000 नौसैनिकों और मरीन को कई महीनों से लगातार समुद्र में रहना पड़ रहा है। परिवारों का कहना है कि लंबे मिशन, कम आराम और घर से लंबे समय तक दूर रहने के कारण कई सैनिक मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं।
लंबे मिशन से बढ़ा मानसिक दबाव
USS अब्राहम लिंकन को पहले एक सामान्य तैनाती के लिए भेजा गया था, लेकिन बाद में इसे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में भेज दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज कई महीनों तक लगातार समुद्र में रहा और इसकी तैनाती अवधि भी बढ़ती गई। सैनिकों के परिवारों ने चिंता जताई है कि लगातार ड्यूटी, सीमित छुट्टियां और अनिश्चित वापसी समय ने नौसैनिकों पर मानसिक दबाव बढ़ा दिया है। कुछ परिवारों ने अमेरिकी नौसेना नेतृत्व के सामने भी अपनी चिंताएं रखी हैं।
परिवारों ने उठाए हालात पर सवाल
नौसैनिकों के परिवारों का कहना है कि जहाज पर रहने की परिस्थितियां कठिन होती जा रही हैं। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य सहायता, आराम के समय और लंबे मिशन की अवधि को लेकर सवाल उठाए हैं। परिवारों ने अधिकारियों से अपील की है कि सैनिकों की मानसिक स्थिति को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
आत्महत्या की कोशिशों की खबर से चिंता
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कुछ नौसैनिकों ने जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। हालांकि घटनाओं से जुड़े सभी आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। अमेरिकी नौसेना ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध होने की बात कही है। ऐसी घटनाओं ने सैन्य तैनाती के दौरान सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
USS अब्राहम लिंकन की तैनाती बनी चुनौती
USS अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना का एक प्रमुख विमानवाहक पोत है। इस पर हजारों सैनिक तैनात रहते हैं और यह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिकी सैन्य अभियानों का हिस्सा रहा है। मौजूदा तैनाती के दौरान लंबे समय तक समुद्र में रहने की वजह से चालक दल के बीच थकान और तनाव की स्थिति पैदा होने की बात सामने आई है।
नौसेना ने उठाए कदम
अमेरिकी नौसेना सैनिकों की मानसिक सेहत को लेकर उपलब्ध सेवाओं और सहायता कार्यक्रमों पर जोर दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि तैनात कर्मियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी प्राथमिकता है। हालांकि, परिवार और कुछ सांसद लगातार मांग कर रहे हैं कि लंबे मिशनों और सैनिकों पर पड़ने वाले मानसिक प्रभाव की समीक्षा की जाए।
मिडिल ईस्ट मिशन पर बढ़ी निगाहें
USS अब्राहम लिंकन की तैनाती ऐसे समय में हुई है जब मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच अमेरिकी नौसेना की भूमिका अहम बनी हुई है।
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