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मिडिल-ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव: अमेरिका ने 9 देशों में नागरिकों को सतर्क किया, ट्रम्प अचानक लौटे व्हाइट हाउस

jantaserishta.com
20 Sept 2026 12:09 PM IST
मिडिल-ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव: अमेरिका ने 9 देशों में नागरिकों को सतर्क किया, ट्रम्प अचानक लौटे व्हाइट हाउस
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नई दिल्ली: मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र के कई देशों में अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तय कार्यक्रम से पहले कैंप डेविड से वापस व्हाइट हाउस पहुंच गए। उनकी इस अचानक वापसी की वजह प्रशासन की ओर से नहीं बताई गई है।
9 देशों में अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट
अमेरिकी अधिकारियों ने इराक, बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, ईरान, कतर, लेबनान, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। इन देशों की यात्रा की योजना बना रहे लोगों को भी क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि मिडिल-ईस्ट में चल रहा संघर्ष तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। नागरिकों को विमान सेवाओं और एयरपोर्ट से संबंधित ताजा सूचनाएं लगातार जांचते रहने को कहा गया है।
इस बीच ट्रम्प शनिवार शाम कैंप डेविड का अपना कार्यक्रम पूरा होने से एक दिन पहले ही व्हाइट हाउस लौट आए। राष्ट्रपति की इस समय से पहले वापसी के पीछे क्या कारण है, इस बारे में व्हाइट हाउस ने कोई जानकारी नहीं दी।
ब्रिटिश एयरबेस से अमेरिकी बॉम्बर उड़ने का दावा
रशिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका का B-1B लांसर बॉम्बर ब्रिटेन स्थित RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से उड़ान भरकर मिडिल-ईस्ट की दिशा में गया। रिपोर्ट के मुताबिक विमान ने फुल आफ्टरबर्नर के साथ उड़ान भरी।
ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने भी उत्तर-पूर्वी सीरिया के अल-हसकाह इलाके में खाराब अल-जिर एयरबेस के आसपास एयर डिफेंस गतिविधियां देखे जाने की जानकारी दी है। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर उपलब्ध जानकारी संबंधित मीडिया रिपोर्टों और दावों पर आधारित है।
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए रखीं 7 मांगें
ईरान ने संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका के सामने कुछ शर्तें रखी हैं। ईरानी सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई के अनुसार, कतर ने मध्यस्थ के तौर पर ईरान की मांगें अमेरिकी पक्ष तक पहुंचाई हैं। अब ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।
रेजाई ने अल जजीरा से बातचीत में बताया कि ईरान की मांगों में सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना, विदेशों में रोके गए ईरानी धन को वापस जारी करना और समुद्री नाकाबंदी समाप्त करना शामिल है। ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में वह संघर्ष जारी रखने के लिए तैयार है।
सऊदी अरब ने हूतियों पर मिसाइल हमले का आरोप लगाया
सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि हूतियों ने राजधानी रियाद को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। सऊदी सेना के अनुसार, मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
वहीं हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि संगठन ने सऊदी अरब की ओर बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन भी भेजे। उनके मुताबिक रियाद के अलावा सऊदी तेल कंपनी अरामको की यानबू स्थित सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया।
नर्गिस मोहम्मदी ने आम लोगों पर असर की बात कही
ईरान की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नर्गिस मोहम्मदी ने AP से बातचीत में कहा कि देश में युद्ध, आर्थिक परेशानियों और सरकारी दमन का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते दबाव के कारण लोगों के लिए सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो रहा है।
मोहम्मदी के अनुसार पिछले करीब डेढ़ साल में सरकारी दमन बढ़ा है और आर्थिक संकट के साथ पाबंदियों ने लोगों की समस्याएं और बढ़ाई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद कई ईरानी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं और युवा वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
मोहम्मदी लंबे समय से ईरान में मानवाधिकारों के मुद्दे उठाती रही हैं और कई बार जेल जा चुकी हैं। उन्हें 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। दिसंबर में हिरासत के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों पर मारपीट का आरोप लगाया था। बाद में स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें जमानत मिली और अस्पताल में इलाज कराया गया। उनके अनुसार अब उनकी हालत में सुधार है।
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