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सिंगापुर में कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के बाद करोड़पति बना किशोर, जानें क्या हैं पूरा मामला

Renuka Sahu
20 Aug 2021 4:57 AM GMT
सिंगापुर में कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के बाद करोड़पति बना किशोर, जानें क्या हैं पूरा मामला
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फाइल फोटो 

कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के बाद सिंगापुर में एक 16 वर्षीय लड़का करोड़पति बन गया.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के बाद सिंगापुर में एक 16 वर्षीय लड़का करोड़पति बन गया. पहले लड़का वैक्सीन इस्तेमाल करने के बाद बीमार हुआ और अचानक अमीर हो गया. किशोर को फाइजर की कोविड-19 वैक्सीन का पहला डोज लेने के छह दिनों बाद बच्चे को कार्डियक अरेस्ट उठा. लेकिन उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ठीक होने के बाद करोड़पति बन बैठेगा. उसकी चिकित्सा देखभाल की लागतों को चुकाने में मदद करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय आगे आया.

कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के बाद करोड़पति बना किशोर
मुआवजे के तौर पर 2.25 लाख सिंगापुर डॉलर यानी करीब 1.23 करोड़ वैक्सीन से चोट वित्तीय सहायता कार्यक्रम के तहत उसने दिया. इस योजना के तहत सिंगापुर में किसी को टीकाकरण के बाद किसी तरह की समस्या होती है, तो उसे आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का प्रावधान है.
जैसा कि माना गया था कि बच्चे को कोविड-19 वैक्सीन की साइड-इफेक्ट्स के कारण हुआ, सरकार को उसे 1.23 करोड़ देना पड़ा. वैक्सीन के साइड इफेक्ट का पता लगाने के लिए बच्चे की जांच कराई गई, तो पाया गया कि किशोर को मायोकार्डिटिस की समस्या है. उसकी वजह से टीकाकरण के बाद मासूम को कार्डियक अरेस्ट हुआ.
साइड-इफेक्ट के नतीजे में मिला 1.23 करोड़ का मुआवजा
सरकार ने जोर दिया है कि एमआरएनए आधारित कोविड-19 वैक्सीन के फायदे, 'टीकाकरण के जोखिम से ज्यादा है'. हालांकि, उसने ये भी दोहराया कि टीकाकरण करा चुके लोगों को एक सप्ताह तक जोरदार शारीरिक गतिविधि से परहेज करना चाहिए. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, ये समस्या कोविड-19 की वैक्सीन का साइड-इफेक्ट हो सकता है. ये स्थिति वायरल संक्रमण के कारण होती है और ऐसी हालत में दिल कमजोर हो जाता है.
इससे मरीज की मौत भी हो सकती है. उसके अलावा, छाती में दर्द और हांपना जैसे लक्षण भी कुछ मामलों में हो सकते हैं. वर्तमान में, लड़का अस्पताल में है और तेजी से ठीक हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालिय ने कहा है कि बच्चे को कुछ दिनों तक इलाज की जरूरत होगी. हालांकि, सिंगापुर में इस तरह का मामला शायद ही टीकाकरण अभियान के दौरान उजागर हुआ हो लेकिन उसका मामला अलग है.


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