विश्व

Tariff Policy : ट्रंप की टैरिफ नीति से भारत पर असर? किन उद्योगों पर संकट के बादल

Uma Verma
2 April 2025 8:34 AM IST
Tariff Policy : ट्रंप की टैरिफ नीति से भारत पर असर? किन उद्योगों पर संकट के बादल
x

वर्ल्ड | डोनाल्ड ट्रंप अगर दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनते हैं, तो उनकी "जवाबी टैरिफ" नीति कई देशों की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकती है। भारत भी उन देशों में शामिल है, जिनकी व्यापारिक नीतियां ट्रंप प्रशासन के निशाने पर हो सकती हैं। अमेरिकी चुनावी प्रचार में ट्रंप ने इशारा दिया है कि वे चीन, यूरोप और भारत जैसे देशों पर कड़े आयात शुल्क लगाने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को बढ़त मिल सके।

किन भारतीय उद्योगों पर होगा असर?

अगर ट्रंप ने जवाबी टैरिफ नीति लागू की, तो भारत के इन प्रमुख सेक्टर्स को झटका लग सकता है:

आईटी और टेक्नोलॉजी – भारतीय आईटी कंपनियां अमेरिका में बड़े पैमाने पर सेवाएं देती हैं। ट्रंप की नीतियां H-1B वीजा को सख्त बना सकती हैं, जिससे भारतीय आईटी सेक्टर को नुकसान हो सकता है।

फार्मास्यूटिकल्स – भारतीय दवाएं अमेरिकी बाजार में सस्ती और लोकप्रिय हैं। ट्रंप प्रशासन अगर ड्रग इंपोर्ट पर अतिरिक्त टैरिफ लगाता है, तो भारतीय दवा कंपनियों को झटका लगेगा।

ऑटोमोबाइल और स्टील – अमेरिका भारतीय स्टील और ऑटो पार्ट्स का बड़ा खरीदार है। अगर टैरिफ बढ़ा तो इन सेक्टर्स को नुकसान झेलना पड़ सकता है।

टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वेलरी – अमेरिका भारतीय कपड़ों और ज्वेलरी का बड़ा बाजार है। अतिरिक्त शुल्क लगने से इनकी मांग घट सकती है।

कौन-कौन से देश निशाने पर?

ट्रंप की संभावित टैरिफ नीति मुख्य रूप से चीन, भारत, यूरोपीय संघ, मैक्सिको और वियतनाम को टारगेट कर सकती है। ट्रंप का मानना है कि ये देश अमेरिकी बाजार से ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं, इसलिए वे आयात शुल्क बढ़ाकर घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना चाहते हैं।

भारत की क्या तैयारियां?

भारत सरकार अमेरिकी नीतियों से निपटने के लिए नई व्यापार रणनीति बना रही है। कुछ अहम कदम:

अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता तेज करना

यूरोपीय और एशियाई बाजारों में निर्यात बढ़ाने की कोशिश

भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करना

क्या भारत को बड़ा झटका लगेगा?

अगर ट्रंप की नीतियां सख्त होती हैं, तो भारतीय निर्यातकों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। हालांकि, भारत अपनी रणनीतियों के जरिए अमेरिका के साथ व्यापार संतुलन बनाए रखने की कोशिश करेगा।

अब सबकी नजरें अमेरिकी चुनाव और ट्रंप की नीतियों पर टिकी हैं। अगर वे सत्ता में लौटते हैं, तो भारत समेत कई देशों को नई व्यापारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

Next Story