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सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र में टैंकर पर हमला अज्ञात वस्तु टकराने से मचा हड़कंप

Ratna Netam
17 Oct 2026 4:17 PM IST
सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र में टैंकर पर हमला अज्ञात वस्तु टकराने से मचा हड़कंप
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रियाद। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र में एक तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने शनिवार, 17 अक्टूबर को जानकारी दी कि सऊदी अरब के अल जुबैल से करीब 68 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में एक टैंकर से अज्ञात प्रक्षेप्य टकराया। घटना के बाद जहाज पर सवार सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। शुरुआती रिपोर्ट में किसी तरह के पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। समुद्री सुरक्षा से जुड़ी इस घटना के बाद क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
अल जुबैल से 68 नॉटिकल मील दूर हुई घटना
UKMTO के अनुसार, यह घटना शुक्रवार, 16 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे हुई थी। हालांकि, इसकी सूचना एजेंसी को देरी से प्राप्त हुई।घटनास्थल सऊदी अरब के पूर्वी तट पर स्थित अल जुबैल बंदरगाह से लगभग 68 नॉटिकल मील यानी करीब 126 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में बताया गया है।समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि एक टैंकर से अज्ञात प्रक्षेप्य टकराने की सूचना मिली है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि टैंकर को किस प्रकार की वस्तु ने निशाना बनाया और वह कहां से आई थी।घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारी जांच कर रहे हैं।
सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। UKMTO को जहाज की कंपनी के सुरक्षा अधिकारी ने पुष्टि की कि टैंकर से सभी सदस्यों को निकाल लिया गया है।प्रारंभिक जानकारी में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं दी गई है।हालांकि, टैंकर को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जहाज की तकनीकी स्थिति और नुकसान के आकलन को लेकर आगे की जांच की जा रही है।
समुद्र में तेल रिसाव या प्रदूषण की सूचना नहीं
UKMTO ने बताया कि घटना की रिपोर्ट मिलने तक समुद्री पर्यावरण पर किसी प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी नहीं मिली थी।तेल टैंकर से जुड़ी ऐसी घटनाओं में समुद्र में तेल रिसाव की आशंका महत्वपूर्ण चिंता का विषय होती है। तेल रिसाव होने पर समुद्री जीव-जंतुओं, तटीय पारिस्थितिकी तंत्र और मछली पकड़ने से जुड़ी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।हालांकि, मौजूदा घटना में किसी तेल रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पर्यावरणीय नुकसान को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
उसी क्षेत्र में दूसरे टैंकर पर भी हमला
इस बीच UKMTO ने अल जुबैल के नजदीक एक अन्य टैंकर पर हमले की सूचना भी दी है।एजेंसी के अनुसार, दूसरी घटना शुक्रवार को ही अल जुबैल से लगभग 78 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई। इस दौरान एक छोटी नाव से रॉकेट चालित ग्रेनेड दागे जाने की रिपोर्ट सामने आई।हमले में टैंकर के पिछले बाएं हिस्से को नुकसान पहुंचा। हालांकि, जहाज के सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने दोनों घटनाओं की जांच शुरू होने की जानकारी दी है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन दोनों रिपोर्टों का आपस में कोई संबंध है या नहीं।
पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
सऊदी अरब के तट के पास हुई यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब पश्चिम एशिया में व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में कई व्यापारिक जहाजों पर हमलों की रिपोर्ट सामने आई हैं।यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यहां होने वाली सुरक्षा संबंधी घटनाएं वैश्विक समुद्री परिवहन तथा ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकती हैं।हालांकि, अल जुबैल के पास हुई पहली घटना के लिए किसी संगठन या देश की जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जहाजों को सतर्कता बरतने की सलाह
UKMTO ने संबंधित समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले सभी व्यापारिक जहाजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।एजेंसी ने कहा है कि जहाजों के चालक दल को आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल समुद्री सुरक्षा अधिकारियों को देनी चाहिए।समुद्री सुरक्षा एजेंसी और संबंधित अधिकारी घटनाओं की जांच कर रहे हैं। टैंकर की पहचान, हमले में इस्तेमाल प्रक्षेप्य और नुकसान की वास्तविक स्थिति को लेकर आगे जानकारी सामने आ सकती है।फिलहाल सभी चालक दल के सदस्यों के सुरक्षित होने से बड़ी जनहानि टल गई है। लेकिन सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र में सामने आई इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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