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तमिलनाडु में कानून व्यवस्था और ड्रग्स पर सियासी घमासान, एआईएडीएमके ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

SHIDDHANT
31 Dec 2025 7:40 PM IST
तमिलनाडु में कानून व्यवस्था और ड्रग्स पर सियासी घमासान, एआईएडीएमके ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
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Chennai चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में ओडिशा के एक युवक पर चार नाबालिगों द्वारा किए गए हमले को लेकर राजनीति गरमा गई है। इस मामले पर एआईएडीएमके के राष्ट्रीय प्रवक्ता कोवई सत्यन ने डीएमके सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने राज्य को 'ड्रग्स-फ्री' बताने वाले स्वास्थ्य मंत्री एम. सुब्रमणियन के बयान को भी सिरे से खारिज किया है। तिरुवल्लूर की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कोवई सत्यन ने आईएएनएस से कहा कि सरकार इस मामले में किसी बड़ी सच्चाई को छिपा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति को गंभीर चोटें आई हों, उसे एक दिन के भीतर उसके गृह राज्य ओडिशा कैसे भेज दिया गया।
उन्होंने कहा कि अब तक पीड़ित की सेहत को लेकर कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सत्यन का आरोप है कि पुलिस पूरी तरह सत्ताधारी नेताओं के इशारों पर काम कर रही है और स्वतंत्र रूप से कार्रवाई नहीं कर पा रही है। स्वास्थ्य मंत्री एम. सुब्रमणियन द्वारा तमिलनाडु को 'ड्रग्स-फ्री राज्य' बताए जाने पर एआईएडीएमके प्रवक्ता ने कहा कि डीएमके सरकार के मंत्री खुलेआम झूठ बोल रहे हैं। कोवई सत्यन ने सवाल किया कि जब हर दिन गांजा और नशीले पदार्थों की खेप पकड़ी जा रही है तो इन नशों का खुलेआम कारोबार कौन करवा रहा है।
इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराया और उसे पूरी तरह अक्षम करार दिया। कोवई सत्यन ने राज्य में बढ़ते ड्रग्स के चलन के लिए फिल्म जगत की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई फिल्मों में नायकों को कानून हाथ में लेते हुए दिखाया जाता है। हथियार उठाना और कानून को दरकिनार करना हीरोइज्म के रूप में पेश किया जाता है, जिसका गहरा असर युवाओं, खासकर जेन-जी पीढ़ी पर पड़ रहा है। इससे युवाओं में यह गलत संदेश जा रहा है कि कानून तोड़ना और हिंसा करना बहादुरी की निशानी है।
एआईएडीएमके प्रवक्ता ने कहा कि समाज में बढ़ती हिंसा और नशे की समस्या को रोकने के लिए सिर्फ पुलिस या सरकार ही नहीं, बल्कि फिल्म जगत को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने मांग की कि सरकार पारदर्शिता के साथ इस मामले की पूरी जानकारी जनता के सामने रखे और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए।
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