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तालिबान की सोच पाकिस्तान के लिए खतरा, हमें जिन्ना का मुल्क वापस चाहिए: फवाद चौधरी

Renuka Sahu
29 Dec 2021 2:21 AM GMT
तालिबान की सोच पाकिस्तान के लिए खतरा, हमें जिन्ना का मुल्क वापस चाहिए: फवाद चौधरी
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फाइल फोटो 

तालिबानऔर पाकिस्तान की दोस्ती में दरार पड़ चुकी है. अफगानिस्तान पर कब्जा जमाने के लिए पाकिस्तान ने जिस तालिबान को हथियार और ट्रेनिंग देकर आगे बढ़ाया था, अब वही उसके लिए गले की फांस बनाता जा रहा है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। तालिबान (Taliban) और पाकिस्तान (Pakistan) की दोस्ती में दरार पड़ चुकी है. अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जा जमाने के लिए पाकिस्तान ने जिस तालिबान को हथियार और ट्रेनिंग देकर आगे बढ़ाया था, अब वही उसके लिए गले की फांस बनाता जा रहा है. पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी (Pakistan's Information Minister Fawad Chaudhry) ने तालिबान हुकूमत के उन फैसलों की आलोचना की है, जिसमें महिलाओं पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं. फवाद चौधरी ने इस पिछड़ी सोच को पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है. चौधरी ने कहा- 'चरमपंथी सोच हमारे लिए खतरा है. हमें जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah) का पाकिस्तान वापस चाहिए.'

तालिबान की सोच पाकिस्तान के लिए खतरा
इस्लामाबाद के एक कार्यक्रम में फवाद चौधरी ने कहा- 'हम अफगानिस्तान की मदद करना चाहते हैं, लेकिन तालिबान की चरमपंथी सोच है. जिसकी वजह से महिलाएं अकेले सफर नहीं कर सकतीं. स्कूल नहीं जा सकतीं. कॉलेज नहीं जा सकतीं. यह पुरानी सोच पाकिस्तान के लिए खतरा है. पाकिस्तान की असली लड़ाई चरमपंथ के खिलाफ है.'
जिन्ना इस्लामी मुल्क बनाना चाहते थे
जिन्ना का जिक्र करते हुए फवाद चौधरी ने कहा- 'मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान को एक इस्लामी मुल्क बनाना चाहते थे, मजहबी मुल्क नहीं. मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के सामने जिन्ना का मजहबी इल्म कुछ नहीं था. अगर पाकिस्तान को एक मजहबी मुल्क बनाना होता, तो फिर इसकी तहरीक मौलाना लोग चलाते. जिन्ना बहुत मॉर्डन थे. आज उनके नाम पर कुछ लोग मुल्क को पीछे ले जाना चाहते हैं. कायद-ए-आजम का पाकिस्तान वापस पाना हमारे लिए असली चुनौती है.'
बॉर्डर फेंसिंग पर तनाव जारी
तालिबानी आतंकियों और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच बॉर्डर फेंसिंग को लेकर विवाद भी जारी है. तालिबान अफगानिस्तान-पाकिस्तान की सीमा-रेखा डूरंड लाइन को नहीं मानता. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कुल 2600 किलोमीटर लंबी सीमा है. इसलिए बॉर्डर फेंसिंग का विरोध कर रहा है. कुछ वक्त पहले पाकिस्तानी सेना नांगरहार प्रांत में फेंसिंग कर रही थी. इसी दौरान वहां तालिबानी लड़ाके पहुंच गए. तालिबान ने तारबंदी का विरोध किया और वहां मौजूद सामान जब्त कर लिया. झड़प के दौरान गोलीबारी चलने की भी खबर आई थी.


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