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तालिबान ने कोरोना वायरस की वैक्सीन पर भी लगाया प्रतिबंध, देश के 65 फीसदी हिस्से पर कब्जा, देखिए ये वीडियो

Tara Tandi
14 Aug 2021 9:42 AM GMT
तालिबान ने कोरोना वायरस की वैक्सीन पर भी लगाया प्रतिबंध,  देश के 65 फीसदी हिस्से पर कब्जा, देखिए ये वीडियो
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जनता से रिश्ता वेबडेस्क | तालिबान ने अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से के पकतिया प्रांत में कोरोना वायरस की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसे लेकर पकतिया क्षेत्रीय अस्पताल के बाहर एक नोटिस लगा हुआ दिखा है. इस बारे में अफगानिस्तान के रेडियो एंड टेलीविजन प्लैटफॉर्म शमशाद न्यूज ने जानकारी दी है. पिछले हफ्ते इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया गया था, जब तालिबान ने प्रांत के एक गुरुद्वारे से निशान साहिब को कथित तौर पर हटा दिया था. अब देश का पूरा दक्षिणी हिस्सा उसके कब्जे में है.

इस बीच फेसबुक पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तालिबानी नेता जौजान के शेबरघान में स्थित मार्शल अब्दुल राशिद दोस्तम के घर पर पार्टी करते दिख रहे हैं. 67 साल के दोस्तम देश के पूर्व उपराष्ट्रपति भी रह चुके हैं. संगठन ने देश के उत्तर में स्थित इस प्रांतीय राजधानी पर बीते हफ्ते कब्जा किया था (Taliban Partying in Afghanistan). इस वीडियो की हम आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो में देखा जा सकता है कि तालिबानी नेता एक बड़े हॉल में बैठे हैं.

देश के 65 फीसदी हिस्से पर कब्जा

ऐसा अनुमान है कि तालिबान ने अफगानिस्तान के 65 फीसदी हिस्से को अपने हाथ में ले लिया है. अब वह राजधानी काबुल के दरवाजे पर खड़ा है. शुक्रवार को तालिबान ने कंधार, लश्करगाह और हेरात पर कब्जा किया था. शनिवार को खबर आई कि अब लोगार प्रांत पर भी कब्जा हो गया है (Taliban Control in Afghanistan). इस देश की स्थिति अमेरिका के उस एक फैसले के बाद बिगड़ी है, जिसमें राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 14 अप्रैल को कहा था कि अमेरिका के सभी सैनिकों को अफगानिस्तान से वापस बुलाया जाएगा. सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया 1 मई से शुरू हो गई थी.

नहीं निकला राजनीतिक समाधान

सैनिकों की वापसी को तालिबान ने अपनी जीत के तौर पर देखा है. तालिबान और अफगान सरकार के बीच राजनीतिक समाधान पर बातचीत में भी कोई प्रगति होती नहीं दिख रही (Afghan Government Offer to Taliban). इससे पहले खबर आई थी कि कतर में अफगान सरकार की तरफ से पेश हुए वार्ताकारों ने तालिबान के सामने सत्ता बंटवारे का ऑफर रखा था. इसमें कहा गया कि अगर तालिबान हिंसा खत्म करने के लिए मान जाता है, तो सरकार भी सत्ता का बंटवारा करने के लिए तैयार है. लेकिन तालिबान अब किसी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं दिख रहा है.

देश के भीतर शरणार्थी संकट

इस देश में हालात बेहद बिगड़े हुए हैं. देश के भीतर ही शरणार्थी संकट खड़ा हो गया है. विभिन्न प्रांतों से अपनी जान बचाकर लोग राजधानी काबुल की तरफ भाग रहे हैं. जिसके कारण यहां शरणार्थियों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है (Situation of Afghanistan). जबकि बड़ी आबादी सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा कर रही है. देश के गंभीर हालात बयां करती कई तस्वीरें और वीडियो भी सामने आई हैं. आम नागरिक अफगान सेना के प्रति अपना समर्थन जताने के लिए सड़कों पर भी उतरे हैं.

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