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सांप के जहर से तैयार किया गया 'सुपर ग्लू', लगातार बहते खून को सेकेंड्स में करेगा बंद

Neha Dani
17 July 2021 10:39 AM GMT
सांप के जहर से तैयार किया गया सुपर ग्लू, लगातार बहते खून को सेकेंड्स में करेगा बंद
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जिसमें जान जाने का खतरा अधिक होता है. कहा गया है कि इस ग्लू का इस्तेमाल युद्ध के मैदान और कार दुर्घटना के पीड़ितों पर भी किया जा सकता है.

कनाडा के वेस्टर्न यूनिवर्सिटी (Western University) के वैज्ञानिकों सहित एक वैज्ञानिकों के ग्रुप ने एक ऐसा 'सुपर ग्लू' (Super Glue) तैयार किया है, जो इंसानों के टिशू से चिपक जाता है. इस ग्लू के जरिए शरीर के किसी हिस्से से लगातार बह रहे खून को सेकेंड्स के भीतर रोका जा सकता है. ये ग्लू शरीर के कटे हुए हिस्से पर चिपक कर खून को बहने से रोक देता है. इस सुपर ग्लू को ब्लड क्लॉटिंग एंजाइम रेप्टिलेज (Reptilase) या बैट्रोक्सोबिन (Batroxobin) के जरिए तैयार किया गया है. बैट्रोक्सोबिन खतरनाक लेंसहेड सांपों (Lancehead Snakes) के जहर में मिलता है.

वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग के प्रोफेसर और स्टडी के सह-लेखक किब्रेट मेक्वानिंट ने एक बयान में कहा, ट्रॉमा, चोट या आपातकालीन स्थिति में खून के बहने के दौरान इस सुपर ग्लू को ट्यूब से निकालकर चोट पर लगाया जा सकता है. इसके बाद कुछ सेकेंड तक इस पर लेजर पाइंटर जैसी रोशनी को दिखाना होगा. यहां तक कि स्मार्टफोन की फ्लैशलाइट भी इसके लिए काफी है. इस तरह ये ग्लू चोट से चिपक जाएगा और खून को बहने से रोक देगा. दक्षिण अमेरिका में लेंसहेड सांपों को सबसे जहरीला सांप माना जाता है. ये मूल रूप से महाद्वीप के उत्तरी हिस्से में मिलते हैं.
फाइब्रिन ग्लू से ज्यादा तेजी से चिपकता है सुपर ग्लू
अपनी व्यस्क अवस्था में लेंसहेड सांप 30 और 50 इंच की लंबाई तक लंबे हो सकते हैं. ये आमतौर पर कॉफी और केले के पौधे में छिपकर अपना शिकार ढूंढ़ते हैं. यही वजह है कि इन बागानों में काम करने वाले मजदूर बिना किसी चेतावनी के इनका शिकार हो जाते हैं. ये सांप एक बार में 124 मिलीग्राम तक जहर पैदा कर सकते हैं. हालांकि, कई बार ये 342 मिलीग्राम तक जहर भी इकट्ठा कर लेते हैं. नया सीलेंट के क्लिनिकल ट्रायल में पाया गया कि ये फाइब्रिन गोंद की चिपकने की ताकत से 10 गुना अधिक है. फाइब्रिन गोंद को सर्जनों द्वारा गोल्ड स्टैंडर्ड का माना जाता है. फाइब्रिन गोंद जहां 90 सेकेंड में घाव को बंद करती है, वहीं ये सुपर ग्लू मात्र 45 सेकेंड में उसे बंद कर देता है.
बिना टांका लगाए घाव को बंद करने के लिए भी हो सकता है ग्लू का इस्तेमाल
हेमोस्टेटिक एडहेसिव (HAD) के बिना, ब्लड क्लॉटिंग औसतन पांच से छह मिनट के बाद होती है. इस दौरान इंसान का बहुत सा खून बह जाता है और इससे उसकी मौत होने का खतरा बढ़ जाता है. बयान में कहा गया है कि इसके अतिरिक्त, 'सुपर ग्लू' का इस्तेमाल घाव को बिना टांका लगाए बंद करने के लिए किया जा सकता है. इस ग्लू का इस्तेमाल त्वचा में गहरी चोट, फटी हुई महाधमनी और गंभीर रूप से घायल लीवर जैसी स्थितियों में किया गया. इन सभी को प्रमुख ब्लीडिंग स्थितियां माना जाता है, जिसमें जान जाने का खतरा अधिक होता है. कहा गया है कि इस ग्लू का इस्तेमाल युद्ध के मैदान और कार दुर्घटना के पीड़ितों पर भी किया जा सकता है.

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