
World वर्ल्ड: हाल ही में अमेरिका में कई अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वीजा अचानक रद्द किए जाने के खिलाफ छात्रों ने सरकार पर मुकदमा दायर किया है। छात्रों का कहना है कि सरकार ने कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना उनका वीजा रद्द कर दिया, जिससे उनकी शिक्षा और भविष्य खतरे में पड़ गया। यह छात्र प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों जैसे हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड और कई सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े हैं।
मुकदमों में कहा गया है कि वीजा रद्द करने का कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया और कुछ मामलों में पुराने मामूली नियम उल्लंघनों को आधार बनाया गया। विश्वविद्यालयों का मानना है कि यह एक बड़ी नीति के तहत हो रहा है, क्योंकि बहुत से मामलों में एक जैसा पैटर्न देखा गया है।
छात्रों का वीजा आमतौर पर एफ-1 श्रेणी का होता है, जिसके लिए उन्हें वित्तीय स्थिति, शैक्षणिक स्थिति और सीमित कार्य की शर्तें पूरी करनी होती हैं। अमेरिकी कॉलेजों को अब पता चल रहा है कि कई छात्रों की स्थिति अचानक 'अमान्य' हो गई है, जिसे होमलैंड सिक्योरिटी के डेटाबेस में दर्ज किया गया है।





