विश्व

स्टारलिंक की एंट्री अटकी, अंबानी पर भड़के एलन मस्क

nidhi
10 Oct 2026 6:24 AM IST
स्टारलिंक की एंट्री अटकी, अंबानी पर भड़के एलन मस्क
x
स्टारलिंक की मंजूरी में देरी, मस्क ने अंबानी को घेरा
नई दिल्ली: दुनिया के चर्चित उद्योगपति और टेस्ला-स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की लॉन्चिंग में हो रही देरी को लेकर एक बार फिर नाराजगी जताई है। इस बार उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए भारत में उनके प्रभाव पर सवाल उठाया है। मस्क के बयान के बाद देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की मंजूरी और कारोबारी प्रतिस्पर्धा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
एलन मस्क ने 8 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल किया कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है और कंपनी पिछले पांच वर्षों से भारत के नियमों का पालन करने की कोशिश कर रही है, फिर भी उसकी सेवाएं शुरू क्यों नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने यहां तक पूछ लिया कि क्या भारत के असली बॉस मुकेश अंबानी हैं। मस्क का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब भारत सरकार ने स्टारलिंक की लॉन्चिंग में जानबूझकर बाधा डालने के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि सभी सैटेलाइट संचार कंपनियों के लिए एक जैसी नियामकीय प्रक्रिया लागू है और किसी कंपनी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है।
स्टारलिंक को लेकर क्यों नाराज हैं एलन मस्क?
एलन मस्क लंबे समय से भारत में स्टारलिंक की इंटरनेट सेवाएं शुरू करना चाहते हैं। कंपनी का उद्देश्य सैटेलाइट के जरिए उन क्षेत्रों में भी इंटरनेट पहुंचाना है, जहां मोबाइल टावर और फाइबर नेटवर्क की पहुंच सीमित है। हालांकि भारत में व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने के लिए कंपनी को सुरक्षा संबंधी शर्तों और स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। स्टारलिंक को दूरसंचार विभाग से महत्वपूर्ण लाइसेंस पहले ही मिल चुका है, लेकिन अंतिम मंजूरियां लंबित हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि कंपनी को भारत में कोई लाइसेंस नहीं मिला है।
मुकेश अंबानी पर लगाए गंभीर आरोप
इससे पहले 7 अक्टूबर को एलन मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी समूह भारत में स्टारलिंक की एंट्री रोकने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि दूरसंचार बाजार में उनका दबदबा बना रहे। हालांकि उस बयान में उन्होंने किसी कारोबारी का नाम नहीं लिया था। अगले दिन उन्होंने सीधे मुकेश अंबानी का नाम लेकर सवाल उठाया। मस्क ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया है।
भारत सरकार ने दिया जवाब
भारत के संचार मंत्रालय ने मस्क के आरोपों को निराधार बताया है। मंत्रालय के मुताबिक स्टारलिंक, जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और यूटेलसैट वनवेब तीनों लगभग एक ही नियामकीय चरण में हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही कंपनियां स्पेक्ट्रम आवंटन की अगली प्रक्रिया में आगे बढ़ सकेंगी। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी मस्क के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत किसी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता।
भारत के इंटरनेट बाजार पर सबकी नजर
भारत दुनिया के बड़े इंटरनेट बाजारों में शामिल है। यहां रिलायंस जियो और भारती एयरटेल की मजबूत मौजूदगी है। दूसरी तरफ स्टारलिंक सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवाओं के जरिए अपनी जगह बनाना चाहती है। दिलचस्प बात यह है कि जियो और एयरटेल ने 2025 में स्टारलिंक उपकरणों के वितरण के लिए स्पेसएक्स के साथ अलग-अलग समझौते भी किए थे। हालांकि इन समझौतों के तहत सेवाओं की शुरुआत नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर है। फिलहाल स्टारलिंक के भारत में व्यावसायिक लॉन्च की तारीख तय नहीं है। ऐसे में मस्क के आरोपों और सरकार के जवाब के बीच अब सभी की नजर अंतिम सुरक्षा मंजूरी और स्पेक्ट्रम आवंटन पर टिकी है।
Next Story