
श्रीलंका | श्रीलंका एक बार फिर गंभीर आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। देश को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और कर्जदाताओं से मिलने वाली जरूरी फंडिंग पर ब्रेक लग गया है। इसके चलते न केवल सरकारी खर्चे प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि रोजमर्रा की आवश्यक सेवाओं पर भी असर देखने को मिल रहा है।
सरकार को उम्मीद थी कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की अगली किश्त जल्द जारी होगी, लेकिन हाल ही में सामने आए आर्थिक आंकड़ों ने संस्थानों की चिंता बढ़ा दी है। IMF ने अपने बयान में कहा है कि श्रीलंका को अपने आर्थिक सुधारों को और मजबूत करना होगा, तभी अगली फंडिंग जारी की जाएगी।
इस देरी का असर देश की वित्तीय योजनाओं और पुनर्निर्माण प्रयासों पर पड़ रहा है। ईंधन, दवाइयों और खाद्य आपूर्ति में पहले से ही संकट के हालात हैं। आम लोगों पर महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार पड़ रही है।
श्रीलंका के वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वे स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संपर्क में हैं और भरोसा है कि जरूरी सुधारों के साथ फंडिंग प्रक्रिया जल्द दोबारा शुरू हो सकेगी।





