विश्व

यहां रियल लाइफ में चल रहा Squid Game...ये दुनिया के अंत होने जैसा

Neha
22 Oct 2021 9:21 AM GMT
यहां रियल लाइफ में चल रहा Squid Game...ये दुनिया के अंत होने जैसा
x
व्यक्तिगत कर्ज भुगतान में पिछड़ने वालों का अनुपात जून तक 55.47% तक पहुंच गया है, जो 2017 में 48% था.

सिओल: नेटफ्लिक्स पर आई स्क्विड गेम (Squid Game) सीरीज ने लोगों को अपना दीवाना बना रखा है. इस साउथ कोरियन सीरीज ने कई रिकॉर्ड भी तोड़े हैं लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है जो काफी परेशान करने वाला है. दरअसल, साउथ कोरिया में कई लोग ऐसे हैं जिनकी हालत इस समय 'स्क्विड गेम' के कैश-संकट वाले किरदारों जैसी हो गई है, जो कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं.

कोरिया में रियल लाइफ 'स्क्विड गेम'
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुकीं 58 साल की यू ही-सूक (Yu Hee-sook ) ने काफी पहले अपना लोन चुका दिया था, लेकिन अब भी कलेक्शन एजेंसियां उन्हें बार-बार धमकी भरे कॉल करती हैं. उन्हें बैंक अकाउंट जब्त करने की धमकी दी जा रही है क्योंकि लोन बिना उनकी जानकारी के सिक्योरिटाइज्ड हो गया और निवेशकों को हैंडओवर कर दिया गया.
...ये दुनिया के अंत होने जैसा
फिल्म पत्रिकाओं के लिए लिखने वाली यू ने साल 2002 में एक फिल्म बनाई थी, जो बुरी तरह फ्लॉफ हो गई. यू पर काफी कर्ज हो गया. यू ने 13 साल में जैसे तैसे अपना सारा कर्च चुका दिया. यू का कहना है कि कोरिया में क्रेडिट अपराधी बनना दुनिया के अंत होने जैसा है. यू ने कहा कि 'स्क्विड गेम' के 456 प्रतियोगियों की तरह ही मैं केवल कर्ज चुकाने के मौके चाहती थी, लेकिन बैंक आपको पैसा बनाने नहीं देते.
कुछ ऐसी है साउथ कोरिया की असली कहानी
उनका कहना है कि दुनिया बेशक साउथ कोरिया को बॉय बैंड बीटीएस (Boy Band BTS) और स्लीक सैमसंग स्मार्टफोन्स के लिए जानती हो लेकिन यहां की एक और तस्वीर भी है… वो है कर्ज का जाल. इसकी वजह से आत्महत्या दर में बढ़ोतरी हो रही है.
रिकॉर्ड घरेलू उधारी, आवास विकास और निजी निवेश को बढ़ावा दे रही है, लेकिन कर्ज माफी का यहां कोई रिवाज नहीं है. यानी एक बार जो इस कर्ज के जाल में फंसा, वो फंसता ही चला जाता है. कोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक इस देश में व्यक्तिगत दिवालियापन पिछले साल (50,379) पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था.
कोरिया क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज (Korea Credit Information Services) के आंकड़ों से पता चलता है कि एक से अधिक प्रकार के व्यक्तिगत कर्ज भुगतान में पिछड़ने वालों का अनुपात जून तक 55.47% तक पहुंच गया है, जो 2017 में 48% था.


Next Story
© All Rights Reserved @Janta Se Rishta
Share it