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अमेरिका और कनाडा में दिवाली का शानदार जश्न

Tara Tandi
7 Nov 2026 10:55 AM IST
अमेरिका और कनाडा में दिवाली का शानदार जश्न
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वाशिंगटन: न्यू जर्सी के ओक ट्री रोड पर रामलीला से लेकर शिकागो के पास आतिशबाजी और टोरंटो में सड़क पर लगने वाले मेले तक, अमेरिका और कनाडा में भारतीय समुदाय संगीत, मिठाइयों और मेल-जोल के साथ दिवाली मना रहे हैं। इससे आस-पड़ोस और शॉपिंग इलाकों में भी त्योहार का माहौल छा गया है।
इस साल दिवाली रविवार, 8 नवंबर को पड़ रही है, इसलिए वीकेंड पर मंदिरों में जश्न, खास दावतें और रोशनी से सजे सार्वजनिक स्थल देखने को मिलेंगे। इससे पहले न्यूयॉर्क के जैक्सन हाइट्स और न्यू जर्सी के भारतीय शॉपिंग कॉरिडोर में भी कई कार्यक्रम हुए, जिनमें परिवारों ने एक साथ हिस्सा लिया।
क्वींस के जैक्सन हाइट्स में, 'इंडियन मर्चेंट्स एसोसिएशन' ने 1 नवंबर को 74वीं स्ट्रीट पर (37वें एवेन्यू और 37वें रोड के बीच) एक मेले का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में लाइव संगीत के साथ-साथ परिवारों और दोस्तों के लिए जश्न का माहौल था।
न्यू जर्सी के इसेलिन में ओक ट्री रोड पर, 'राज ज्वेल्स' की पार्किंग में रामलीला, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस जश्न में पंडित सत्य नारायण चरका और शास्त्रीय कला में प्रशिक्षित 40 कलाकारों ने रामलीला प्रस्तुत की। शानदार वेशभूषा, नृत्य और अंग्रेजी में सुनाई गई कथा के जरिए भगवान राम की कहानी दर्शकों के सामने पेश की गई।
'पैच' की शुक्रवार की एक रिपोर्ट के अनुसार, एडिसन में शनिवार को 'पापियानी पार्क' में सालाना दिवाली उत्सव मनाया जाएगा। इसमें दीये जलाना, सांस्कृतिक नृत्य, खाने-पीने के स्टॉल, मुफ्त चाय और मेहंदी लगाने जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।
इस आयोजन में 1 लाख से ज्यादा रोशनियां लगाई जाएंगी और शाम का समापन 'पटेल ब्रदर्स' द्वारा प्रायोजित ड्रोन शो और आतिशबाजी के साथ होगा। इस साल की थीम "सेलिब्रेटिंग दिवाली इन अमेरिका 250" है, जो इस त्योहार को अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जोड़ती है।
'ऑफिस ऑफ कल्चरल अफेयर्स' के अनुसार, जर्सी सिटी में भी शनिवार को दोपहर से शाम 7 बजे तक 'एक्सचेंज प्लेस' पर "दिवाली टुगेदर 2026" का आयोजन किया जाएगा।
शिकागो में, एक भारतीय रेस्तरां रविवार तक शेफ जीत सिंह द्वारा तैयार किए गए खास दिवाली व्यंजन परोस रहा है। इनमें राज कचौरी चाट से लेकर जामुन के साथ चॉकलेट मूस तक कई तरह के पकवान शामिल हैं।
पास के बार्टलेट में, BAPS श्री स्वामीनारायण मंदिर में शनिवार को आतिशबाजी और साउंड शो का आयोजन किया गया है। रविवार के कार्यक्रमों में 'चोपड़ा पूजन' शामिल है, जिसमें एक नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में बही-खातों (अकाउंट बुक्स) की पूजा की जाती है।
लॉस एंजिल्स क्षेत्र में, चिनो हिल्स स्थित BAPS मंदिर में शनिवार और रविवार को एक सामुदायिक उत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके बाद सोमवार को 'अन्नकूट' और गुजराती नव वर्ष का जश्न मनाया जाएगा।
इस कार्यक्रम में कार्निवल राइड्स, मिठाइयों की दुकान और लाइट-एंड-साउंड (प्रकाश और ध्वनि) प्रस्तुति शामिल हैं। संगीत कार्यक्रमों और इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों के जरिए भगवान स्वामीनारायण के युवा स्वरूप 'नीलकंठ' की यात्रा को दर्शाया जाएगा।
सैन फ्रांसिस्को में 'इंडियन रेस्टोरेंट वीक' के जरिए जश्न मनाया जा रहा है। भारतीय वाणिज्य दूतावास (इंडियन कॉन्सुलेट) की साझेदारी में आयोजित इस कार्यक्रम में छह रेस्तरां शामिल हैं। 14 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में 'रू' (ROOH), 'कोपरा' (Copra) और 'न्यू दिल्ली रेस्टोरेंट' जैसे रेस्तरां हिस्सा ले रहे हैं।
वाशिंगटन के कोलंबिया हाइट्स इलाके में, 'तमाशा' (Tamashaa) रेस्तरां अपने डिनर मेन्यू में खास रौनक लेकर आया है। यहाँ सोने के वर्क (गोल्ड लीफ) वाला बटर चिकन, रसगुल्ला चाट और दौलत की चाट परोसी जा रही है।
'PoPville' में छपी एक घोषणा के अनुसार, रविवार तक चलने वाले इस मेन्यू को रेस्तरां ने "एक ऐसा दिवाली मेन्यू बताया है, जो दावत और आतिशबाजी दोनों का संगम है।"
कनाडा की सीमा के पार, टोरंटो के 'जेरार्ड इंडिया बाजार' में शनिवार शाम को एक वार्षिक आउटडोर मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें लाइव DJ, डांस, फुलझड़ियाँ और फुटपाथ पर लगने वाली सेल शामिल होगी। जेरार्ड स्ट्रीट इलाके में 125 से अधिक दुकानें और रेस्तरां हैं।
मॉन्ट्रियल और पड़ोसी ब्रोसार्ड में, 'इंडिया रोजा' (India Rosa) रेस्तरां में रविवार तक चलने वाले जश्न में एक 'विश ट्री' (इच्छाओं का पेड़) लगाया गया है। यहाँ आने वाले लोग दिवाली के लिए अपनी कोई इच्छा या कुछ शब्द लिखकर छोड़ सकते हैं।
ब्रिटिश कोलंबिया के सरे (Surrey) में दिवाली की तैयारियों के केंद्र में मिठाइयाँ हैं।
स्थानीय व्यवसायों के अलावा, कॉस्टको (Costco) की अमेरिकी वेबसाइट पर 2026 की दिवाली सीरीज के तहत एक औंस की 24-कैरेट 'PAMP' सोने की ईंट (गोल्ड बार) भी लिस्ट की गई है, जिसे लक्ष्मी और पवित्र गाय के नाम से जोड़ा गया है।
दिवाली, जिसे मुख्य रूप से 'प्रकाश के त्योहार' के रूप में जाना जाता है, हिंदू, जैन, सिख और कुछ बौद्ध समुदायों द्वारा मनाई जाती है। अलग-अलग समुदायों में इसे मनाने की परंपराएँ और धार्मिक महत्व भी अलग-अलग होते हैं। आमतौर पर, दीये और रोशनी को अंधकार पर प्रकाश की और अज्ञानता पर ज्ञान की जीत का प्रतीक माना जाता है।
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