
Bratislava ब्रातिस्लावा : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में एक विशेष योग प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाक राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में स्लोवाकिया के स्कूली बच्चों ने विभिन्न योग मुद्राओं और प्रथाओं का प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
यह आयोजन भारत के बाहर योग की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है और यह भी बताता है कि योग अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दुनिया भर में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बन चुका है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अनुशासन और समर्पण के साथ योग आसनों का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने सराहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने इस कार्यक्रम को नजदीक से देखा और योग प्रदर्शन में शामिल बच्चों की सराहना की। दोनों नेताओं ने योग के माध्यम से देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों को भी रेखांकित किया।
President Pellegrini and I were delighted to witness a special Yoga demonstration by schoolchildren from Slovakia.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
As the world counts down to International Yoga Day, it is delightful to see the youth embrace Yoga.
Also happy to see Yoga continuing to bring people together in… pic.twitter.com/g9aogHrch7
कार्यक्रम के बाद अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवा प्रतिभागियों का उत्साह प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि यह मानसिक शांति और वैश्विक एकता का भी माध्यम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस कार्यक्रम को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति पेलेग्रिनी के साथ स्लोवाकिया के स्कूली बच्चों द्वारा किया गया योग प्रदर्शन देखकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस नजदीक आ रहा है, युवाओं द्वारा योग को अपनाना एक सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने यह भी कहा कि योग लोगों को एक साझा भलाई की दिशा में जोड़ने का कार्य कर रहा है और यह सीमाओं से परे जाकर मानवता को एक सूत्र में पिरोने की क्षमता रखता है।
इस आयोजन को भारत और स्लोवाकिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम न केवल योग के प्रचार-प्रसार में मदद करते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि योग के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि यह दर्शाती है कि यह प्राचीन भारतीय परंपरा आज भी आधुनिक जीवनशैली में अत्यंत प्रासंगिक है।
स्कूली बच्चों की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया, जिससे यह संदेश गया कि योग को कम उम्र से अपनाकर स्वस्थ जीवन की नींव रखी जा सकती है।
इस विशेष योग प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित किया कि योग न केवल स्वास्थ्य का साधन है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक समझ को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।





