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अबू धाबी BAPS मंदिर में कैप्टन स्मित के लिए विशेष प्रार्थना

Ratna Netam
6 Oct 2026 6:33 PM IST
अबू धाबी BAPS मंदिर में कैप्टन स्मित के लिए विशेष प्रार्थना
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अबू धाबी। फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान गंभीर संकट का सामना करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की कामना को लेकर अबू धाबी स्थित BAPS हिंदू मंदिर में विशेष प्रार्थना और पारंपरिक पूजा-अभिषेक का आयोजन किया गया। मंदिर में संतों, समुदाय के सदस्यों, परिवारों और स्वयंसेवकों ने एक साथ मिलकर कैप्टन स्मित और उनके परिवार के लिए प्रार्थना की। मंदिर में भजन और विशेष पूजा भी आयोजित की गई।कैप्टन स्मित मच्छार हाल में फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी, जब सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन पर हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद यात्रियों और क्रू को हस्तक्षेप का मौका मिला। इसके बाद रिजर्व पायलटों ने विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक में उतारा।
इस घटना के बाद कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ की व्यापक सराहना हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उनकी हिम्मत तथा त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की प्रशंसा की। रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने यात्रियों की जान बचाने के लिए कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया।अबू धाबी के BAPS हिंदू मंदिर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में इसी साहस को सम्मान दिया गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने कैप्टन स्मित के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की। पूजा के दौरान उनके परिवार के लिए भी विशेष प्रार्थना की गई, जो उनके इलाज और रिकवरी के दौरान लगातार उनके साथ खड़ा है।
BAPS हिंदू मंदिर से जुड़े प्रणव देसाई ने कहा कि कैप्टन स्मित की बहादुरी की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, उससे कई लोगों की जान बची। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे समय में समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह कैप्टन और उनके परिवार के साथ एकजुटता दिखाए।देसाई ने कहा कि मंदिर में कैप्टन स्मित के लिए विशेष प्रार्थना की गई और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। उन्होंने परिवार की हिम्मत और सहयोग का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, परिवार ने कठिन समय में जिस तरह धैर्य और साहस दिखाया है, वह भी सराहनीय है।मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भजन भी हुए। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने सामूहिक रूप से प्रार्थना में हिस्सा लिया। पुजारियों ने विशेष पूजा की और कैप्टन स्मित के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना की।
कैप्टन स्मित की हालत को लेकर हाल में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने भी अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने जानकारी दी थी कि कैप्टन बातचीत कर रहे हैं और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।कैप्टन स्मित की बहादुरी को भारत के साथ-साथ UAE में भी सराहा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे बातचीत के दौरान कहा था कि उनके साहस ने देश को गर्व महसूस कराया है। इस घटना ने विमानन सुरक्षा और कॉकपिट सुरक्षा से जुड़े सवालों को भी चर्चा में ला दिया है।घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच भी जारी है। विभिन्न रिपोर्टों में सह-पायलट की पृष्ठभूमि, सुरक्षा जांच और हमले की संभावित वजहों की जांच का उल्लेख किया गया है। हालांकि जांच पूरी होने तक हमले के पीछे की अंतिम वजहों को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
BAPS हिंदू मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं का मुख्य संदेश प्रार्थना, समर्थन और कृतज्ञता का रहा। समुदाय के सदस्यों ने कहा कि कैप्टन स्मित ने कठिन परिस्थिति में अपने कर्तव्य और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।प्रणव देसाई ने UAE नेतृत्व की ओर से कैप्टन के प्रति दिखाए गए समर्थन की भी सराहना की। उन्होंने अस्पताल में घायल पायलट से मुलाकात और उनके परिवार के प्रति दिखाई गई संवेदनशीलता को भारत-UAE संबंधों की मानवीय भावना से जोड़ा।कैप्टन स्मित मच्छार के लिए आयोजित यह विशेष प्रार्थना कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे एक ऐसे पायलट के प्रति सम्मान के रूप में भी देखा गया, जिसने बेहद कठिन हालात में साहस दिखाया।फिलहाल कैप्टन स्मित का इलाज जारी है और उनके स्वास्थ्य में सुधार की खबरें सामने आई हैं। मंदिर के संतों, श्रद्धालुओं और समुदाय के सदस्यों ने उनके जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौटने की कामना की है।
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