दक्षिण कोरिया में एयरफोर्स पायलटों के नौकरी छोड़ने से सिलसिला बढ़ा

वायुसेना 'कुशल पायलट' उन पायलटों को मानती है जिनके पास 8 से 17 वर्षों का अनुभव होता है और जो स्वयं ऑपरेशन संचालित करने के साथ-साथ जूनियर पायलटों को प्रशिक्षण देने में सक्षम होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार वायुसेना पायलटों ने अपनी नौकरी छोड़ी, उनमें 730 फाइटर पायलट और 148 कार्गो पायलट और 18 हेलीकॉप्टर (रोटरी-विंग) पायलट शामिल हैं। इनमें से 622 पायलट ने कोरियन एयर की नौकरी ज्वाइन कर ली, जबकि 146 पायलटों ने एशियाना एयरलाइन्स की नौकरी ज्वाइन कर ली, जिसका विलय कोरियन एयर के साथ हो चुका है। इसके अलावा 103 पायलट लो कॉस्ट एयरलाइंस से जुड़ गए।
कोविड-19 महामारी से पहले हर साल लगभग 100 पायलट वायुसेना छोड़ते थे, लेकिन 2021 में वैश्विक हवाई यातायात में गिरावट के कारण केवल 7 पायलटों ने ही सेवा छोड़ी। इसके बाद संख्या फिर बढ़ने लगी और इस वर्ष मार्च तक 47 पायलट वायुसेना छोड़ चुके हैं। हालांकि पायलटों के बड़े पैमाने पर पलायन को रोकने के लिए वायुसेना ने अनिवार्य सेवा अवधि तय की है, जो एयर फोर्स अकादमी से प्रशिक्षित फाइटर और कार्गो पायलटों के लिए 15 वर्ष, जबकि अन्य पायलटों के लिए 10 वर्ष है। ऐसे में अनिवार्य अवधि पूरी होते ही पायलटों ने वायुसेना की नौकरी को अलविदा कह दिया। 2025 के एक सर्वे के अनुसार, सैन्य और वाणिज्यिक पायलटों के वेतन में बड़े अंतर, सैन्य सेवा में अधिक जोखिम, लगातार इमरजेंसी ड्यूटी से तनाव वायुसेना छोड़ने के मुख्य कारण बने।





