विश्व

ईरान युद्ध से दूर रहेगा दक्षिण कोरिया राष्ट्रपति का बड़ा बयान

nidhi
19 Sept 2026 8:18 AM IST
ईरान युद्ध से दूर रहेगा दक्षिण कोरिया राष्ट्रपति का बड़ा बयान
x
ट्रंप की मांग

Seoul सियोल: ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और उसके प्रमुख सहयोगी दक्षिण कोरिया के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने साफ कर दिया है कि उनका देश ऐसा कोई सैन्य कदम नहीं उठाएगा जिससे वह ईरान युद्ध में सीधे शामिल हो जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सहयोगियों पर अधिक सैन्य भूमिका निभाने के दबाव के बीच ली ने कहा कि दक्षिण कोरियाई सैनिकों या सैन्य संसाधनों को युद्ध में शामिल करने के लिए नहीं भेजा जाएगा।

शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा कि दक्षिण कोरिया की नीति स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई तैनाती नहीं होगी जिससे देश युद्ध में शामिल हो या संघर्ष का हिस्सा बने। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस उद्देश्य से किसी भी तरह के सैन्य संसाधन तैनात नहीं किए जाएंगे। ली का बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप दक्षिण कोरिया से ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रयासों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की मांग करते रहे हैं। ट्रंप ने ईरान युद्ध में पर्याप्त सहयोग नहीं करने को लेकर सियोल की आलोचना भी की है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने अगस्त में कहा था कि संयुक्त सैन्य अभ्यास को सीमित करने का ट्रंप प्रशासन का कदम ईरान युद्ध में सहयोग समेत कई लंबित मुद्दों पर सियोल पर दबाव बनाने से जुड़ा प्रतीत होता है।
हालांकि दक्षिण कोरिया ने युद्ध में सैनिक भेजने से इनकार किया है लेकिन उसने पश्चिम एशिया में अपनी भूमिका पूरी तरह समाप्त नहीं की है। राष्ट्रपति ली ने कहा कि उनकी सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए अपनी भूमिका बढ़ाने की संभावना पर विचार कर रही है। दक्षिण कोरिया सोमालिया के तट के पास समुद्री डकैती विरोधी अभियान के तहत पहले से नौसैनिक उपस्थिति रखता है। राष्ट्रपति ने कहा कि दक्षिण कोरिया के व्यापारिक जहाजों कच्चे तेल की आपूर्ति और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए न्यूनतम आवश्यक कदम उठाना जरूरी है। यानी सियोल युद्ध में प्रत्यक्ष भागीदारी और अपने आर्थिक हितों की सुरक्षा के बीच अंतर बनाए रखना चाहता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दक्षिण कोरिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दक्षिण कोरिया अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित तेल पर निर्भर है और पश्चिम एशिया से आने वाले तेल का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। ऐसे में क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव रहने से दक्षिण कोरिया की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। ईरान युद्ध में संभावित सैन्य तैनाती का दक्षिण कोरिया के भीतर भी विरोध हुआ है। हाल के सप्ताहों में सियोल में संभावित तैनाती के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं। इसी बीच सरकार इस बात की समीक्षा करती रही कि होर्मुज क्षेत्र में सीमित सैन्य भूमिका किस तरह निभाई जा सकती है।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया दशकों पुराने सैन्य सहयोगी हैं और कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इसके बावजूद ईरान युद्ध के मामले में राष्ट्रपति ली ने स्पष्ट सीमा तय कर दी है। उनका कहना है कि समुद्री व्यापार तेल आपूर्ति और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं लेकिन दक्षिण कोरिया को युद्ध में खींचने वाली सैन्य तैनाती नहीं की जाएगी।
Next Story