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रिकॉर्ड तापमान से बेहाल दक्षिण कोरिया, हीट स्ट्रोक और लू से बढ़ीं मौतें

Ratna Netam
5 Aug 2026 7:40 PM IST
रिकॉर्ड तापमान से बेहाल दक्षिण कोरिया, हीट स्ट्रोक और लू से बढ़ीं मौतें
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सियोल : दक्षिण कोरिया इस समय भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती हीटवेव की चपेट में है। देश में इस वर्ष गर्मी ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी (KDCA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, हीटवेव से जुड़ी बीमारियों के कारण अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,441 से अधिक लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पतालों के आपातकालीन विभागों में भर्ती कराना पड़ा है। लगातार बढ़ते तापमान और कम होती बारिश ने हालात को और भी चिंताजनक बना दिया है।
केडीसीए ने बताया कि मई के मध्य से शुरू की गई हीट-रिलेटेड इलनेस सर्विलांस प्रणाली के तहत पूरे देश में गर्मी से प्रभावित मरीजों की निगरानी की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, इस साल अस्पताल पहुंचे मरीजों में सबसे अधिक 61.7 प्रतिशत लोग हीट एग्जॉशन यानी अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी से पीड़ित पाए गए। वहीं 16.8 प्रतिशत मरीजों को हीट स्ट्रोक हुआ, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा 11.5 प्रतिशत लोग हीट क्रैम्प्स यानी मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या से ग्रस्त मिले।
हालांकि, पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इस बार गर्मी से बीमार होने वाले लोगों की संख्या कुछ कम है, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ जाना सरकार और स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 20 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 21 हो चुकी है। हाल ही में नॉर्थ चुंगचियोंग प्रांत के यूमसियोंग काउंटी में खेत में काम कर रहे 60 वर्षीय किसान की लू लगने से मौत हो गई, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
दक्षिण कोरिया का मौसम विभाग भी लगातार गंभीर चेतावनियां जारी कर रहा है। कोरिया मौसम प्रशासन (KMA) ने ग्रेटर सियोल क्षेत्र के लिए हीटवेव की गंभीर चेतावनी जारी करते हुए बताया कि इस क्षेत्र के लगभग 43 प्रतिशत हिस्से को सबसे उच्च स्तर के हीट अलर्ट के दायरे में रखा गया है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और बुजुर्गों, बच्चों तथा बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई 2026 दक्षिण कोरिया के इतिहास के सबसे गर्म महीनों में शामिल रहा। इस दौरान देश का औसत तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रिकॉर्ड में तीसरा सबसे अधिक जुलाई तापमान है। इससे पहले 1994 में 27.7 डिग्री और 2025 में 27.1 डिग्री सेल्सियस का औसत तापमान दर्ज किया गया था। लगातार गर्म रातों ने भी लोगों की परेशानी बढ़ाई है। जुलाई में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहने वाली उष्णकटिबंधीय रातों की औसत संख्या 9.7 दिन रही, जो अब तक का नया रिकॉर्ड है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2025 में 8.8 दिन और 1994 में 8.5 दिन था।
हीटवेव का सबसे अधिक असर देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में देखा गया। डेगू शहर में 22 दिन, गुमी में 21 दिन और मिरयांग में 20 दिनों तक हीटवेव एडवाइजरी लागू रही। इसके विपरीत राजधानी सियोल में केवल दो दिन ही औपचारिक हीटवेव चेतावनी जारी की गई, हालांकि वहां भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष कम बारिश ने भी गर्मी की तीव्रता को बढ़ाया है। जुलाई में पूरे देश में केवल 220.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य औसत 296.5 मिलीमीटर का मात्र 72.3 प्रतिशत है। सबसे गंभीर स्थिति साउथ ग्योंगसांग प्रांत में रही, जहां पूरे महीने केवल 68 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य औसत का महज 21.9 प्रतिशत है। कम वर्षा और लगातार बढ़ते तापमान के कारण खेती, जल संसाधनों और जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
दक्षिण कोरिया की सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही हैं। प्रशासन ने विशेष रूप से बुजुर्गों, खेतों में काम करने वाले श्रमिकों और बाहरी कार्य करने वाले लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है। लगातार बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने दक्षिण कोरिया के सामने एक नई सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती खड़ी कर दी है।
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