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नेपाल के हिमलुंग हिमाल बेस कैंप में बर्फीला तूफान, कम से कम 10 लोग लापता

Kavita2
27 Sept 2026 12:53 PM IST
नेपाल के हिमलुंग हिमाल बेस कैंप में बर्फीला तूफान, कम से कम 10 लोग लापता
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काठमांडू। नेपाल में लगातार बदलते मौसम के बीच रविवार सुबह पश्चिमी नेपाल के तिब्बत सीमा से लगे प्रसिद्ध हिमलुंग हिमाल बेस कैंप में भीषण बर्फीला तूफान आने की खबर है। अचानक आए इस तूफान की चपेट में आने के बाद कम से कम 10 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है। लापता लोगों में पर्वतारोहण अभियान से जुड़े कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

हिमलुंग हिमाल क्षेत्र में रविवार सुबह मौसम अचानक बिगड़ गया। बेस कैंप पर मौजूद पर्वतारोहियों और कर्मचारियों को संभलने का ज्यादा समय नहीं मिला। तेज बर्फीली हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण कुछ ही समय में हालात गंभीर हो गए। इसके बाद कैंप में मौजूद लोगों की जानकारी जुटाने का काम शुरू किया गया।

पर्वतारोहण अभियान के आयोजक मिंगमा ग्याल्जे शेर्पा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि लापता लोगों में उनके कैंप में काम करने वाले दो रसोई कर्मचारी भी शामिल हैं। उनके मुताबिक बर्फीला तूफान रविवार सुबह अचानक आया और इसके बाद कई लोगों से संपर्क नहीं हो सका।

घटना के बाद लापता लोगों की तलाश को लेकर प्रयास शुरू किए गए हैं। हालांकि ऊंचाई वाले इस हिमालयी इलाके में खराब मौसम और बर्फबारी के कारण खोज एवं बचाव कार्य में परेशानी हो सकती है। फिलहाल लापता लोगों की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

हिमलुंग हिमाल नेपाल के पश्चिमी हिस्से में तिब्बत सीमा के पास स्थित है। यह इलाका पर्वतारोहण अभियानों के लिए जाना जाता है। यहां अलग-अलग देशों के पर्वतारोही अभियान के लिए पहुंचते हैं और बेस कैंप से आगे की चढ़ाई की तैयारी करते हैं।

रविवार सुबह आए बर्फीले तूफान ने बेस कैंप की गतिविधियों को प्रभावित कर दिया। अचानक मौसम खराब होने के कारण वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। अभियान से जुड़े लोगों ने इसके बाद अपने सदस्यों और कर्मचारियों की मौजूदगी की जानकारी जुटानी शुरू की।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कम से कम 10 लोग लापता हैं। हालांकि लापता लोगों की पूरी पहचान और उनकी नागरिकता से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अभियान आयोजक ने अपने कैंप से जुड़े दो रसोई कर्मचारियों के लापता होने की पुष्टि की है।

घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नेपाल के कई हिस्सों में मौसम लगातार चुनौती बना हुआ है। पहाड़ी और हिमालयी क्षेत्रों में मौसम बहुत तेजी से बदल सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में तेज हवाएं, भारी बर्फबारी और अचानक आने वाले बर्फीले तूफान पर्वतारोहियों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

हिमलुंग हिमाल बेस कैंप पर आए तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके बाद कम से कम 10 लोगों का पता नहीं चल पाया। अभियान से जुड़े लोगों की ओर से उनकी तलाश और संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

मिंगमा ग्याल्जे शेर्पा के अनुसार, घटना रविवार सुबह हुई। अचानक आए बर्फीले तूफान के कारण कैंप की स्थिति तेजी से बिगड़ गई। उनके कैंप में खाना बनाने का काम करने वाले दो कर्मचारी भी लापता लोगों में शामिल हैं।

बेस कैंप पर्वतारोहण अभियानों का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। पर्वतारोही यहीं से आगे की चढ़ाई के लिए जरूरी तैयारियां करते हैं। उनके साथ गाइड, शेर्पा, रसोई कर्मचारी और अन्य सहयोगी स्टाफ भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में बेस कैंप पर किसी बड़े बर्फीले तूफान का आना वहां मौजूद पूरे दल के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

हादसे के बाद सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना है। हालांकि हिमालयी क्षेत्र में खराब मौसम के दौरान खोज अभियान चलाना आसान नहीं होता। भारी बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो सकते हैं, जबकि तेज हवाओं की वजह से हवाई बचाव अभियान भी प्रभावित हो सकता है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लापता लोग बर्फीले तूफान के दौरान किस स्थान पर थे और उनका आखिरी संपर्क कब हुआ था। उनके बारे में विस्तृत जानकारी मिलने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

नेपाल के हिमालयी इलाकों में पर्वतारोहण के दौरान मौसम सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक होता है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण पर्वतारोहियों और अभियान दलों को कई बार अपना कार्यक्रम रोकना या बदलना पड़ता है। ऊंचाई बढ़ने के साथ मौसम की परिस्थितियां और कठिन होती जाती हैं।

हिमलुंग हिमाल बेस कैंप की घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में मौसम से जुड़े खतरों को सामने ला दिया है। रविवार सुबह तक वहां सामान्य पर्वतारोहण गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन अचानक आए बर्फीले तूफान ने स्थिति बदल दी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद अभियान से जुड़े आयोजक और स्थानीय स्तर पर संबंधित लोग लापता सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने में लगे हैं। बचाव अभियान की गति काफी हद तक मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी।

बर्फीले तूफान के बाद क्षेत्र में दृश्यता कम होने और रास्तों पर भारी बर्फ जमा होने की आशंका है। ऐसी परिस्थितियों में पैदल खोज अभियान भी जोखिम भरा हो सकता है। यही कारण है कि लापता लोगों तक पहुंचने में समय लग सकता है।

अभी तक किसी भी लापता व्यक्ति के बारे में अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। इसलिए उन्हें लेकर किसी तरह का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। फिलहाल कम से कम 10 लोगों के लापता होने की जानकारी है और उनकी तलाश जारी है।

पर्वतारोहण अभियान के आयोजक मिंगमा ग्याल्जे शेर्पा ने अपने दो रसोई कर्मचारियों के लापता होने की पुष्टि करते हुए घटना की गंभीरता की जानकारी दी है। अन्य लापता लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

नेपाल में पर्वतीय पर्यटन और पर्वतारोहण से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जुड़े हुए हैं। इनमें शेर्पा, गाइड, पोर्टर और रसोई कर्मचारी शामिल होते हैं। ये लोग कठिन परिस्थितियों में पर्वतारोहियों के अभियानों को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रविवार की घटना में अभियान से जुड़े कर्मचारियों के लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। खराब मौसम के बीच उनकी सुरक्षित तलाश करना बचाव दलों के सामने बड़ी चुनौती होगी।

हिमलुंग हिमाल बेस कैंप पर आए इस बर्फीले तूफान से हुए वास्तविक नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है। लापता लोगों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

फिलहाल कम से कम 10 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है। इनमें दो रसोई कर्मचारी भी शामिल हैं। अभियान आयोजकों और संबंधित टीमों का ध्यान अब लापता लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने पर है।

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