स्मित मच्छर को मिलेगा इसराइल का सर्वोच्च पुरस्कार, इसराइली राष्ट्रपति ने तारीफ़ में क्या कहा

नई दिल्ली। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने जा रहा है। इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने घोषणा की है कि कैप्टन स्मित को ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ से सम्मानित किया जाएगा। यह घोषणा फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर संकट के दौरान उनके साहस और पेशेवर कुशलता को देखते हुए की गई है। राष्ट्रपति ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि उनके ठीक होने के बाद इजराइल की ओर से यह सम्मान देना उनके लिए खुशी की बात होगी।
राष्ट्रपति ने क्या कहा?
इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी और पेशेवर कुशलता ने एक बड़े संकट को टालने में मदद की। उन्होंने कहा कि इजराइल में सम्मानित किए जा रहे अपने देश के नायकों के साथ वह भारतीय कैप्टन के पूरी तरह और जल्द स्वस्थ होने की दिल से कामना करते हैं।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि स्मित के ठीक होने के बाद उन्हें नागरिक वीरता के लिए इजराइल के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करना उनके लिए खुशी की बात होगी। इस घोषणा के साथ ही संकट के समय पायलट की भूमिका और उनके साहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
फ्लाईदुबई की उड़ान में क्या हुआ था?
जानकारी के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट के भीतर गंभीर घटना हुई। रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने चाकू से हमला किया। इस घटना ने विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा कर दी।
बताया गया है कि हमले के बाद विमान की स्थिति बिगड़ने लगी। ऐसे समय में विमान को सुरक्षित रखने और यात्रियों की जान बचाने की चुनौती सामने थी। घटना से जुड़े विवरणों के अनुसार, विमान को सुरक्षित उतारने में चालक दल के दूसरे पायलटों की भी भूमिका रही। पूरे मामले की जांच और घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
174 यात्रियों की सुरक्षा का मामला
इस घटना को लेकर सामने आई रिपोर्टों में कहा गया है कि विमान में 174 यात्री सवार थे। संकट की इस स्थिति में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की सराहना इसी पृष्ठभूमि में की जा रही है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी पहले स्मित की बहादुरी की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने भारतीय पायलट के प्रयासों को यात्रियों की जान बचाने से जोड़ते हुए उनके साहस को सराहा था। अब इजराइली राष्ट्रपति की ओर से सम्मान की घोषणा ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
ठीक होने के बाद मिलेगा सम्मान
फिलहाल राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, कैप्टन स्मित मच्छार को यह पुरस्कार उनके स्वस्थ होने के बाद दिया जाएगा। सम्मान का उद्देश्य संकट के दौरान दिखाई गई नागरिक वीरता और पेशेवर प्रतिबद्धता को पहचान देना है।
स्मित मच्छार के मामले में यह सम्मान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि विमानन क्षेत्र में आपातकालीन स्थिति के दौरान निर्णय लेने की क्षमता, प्रशिक्षण और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की अहम भूमिका होती है। फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना ने इन सभी पहलुओं को सामने रखा है।
भारतीय पायलट को इजराइल के सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मानों में शामिल राष्ट्रपति पुरस्कार देने की घोषणा उनकी बहादुरी को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखी जा रही है। अब उनके स्वस्थ होने और सम्मान समारोह को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है।





