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अमेरिका पहुंचे शरणार्थियों में चेचक के मामलों की पुष्टि, निकासी प्रक्रिया पर लगाई गई रोक

Gulabi
12 Sept 2021 9:10 PM IST
अमेरिका पहुंचे शरणार्थियों में चेचक के मामलों की पुष्टि, निकासी प्रक्रिया पर लगाई गई रोक
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अमेरिका ने चेचक के मामले मिलने के कारण अफगानों को निकालने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है

Measles Cases in Afghanistan: अमेरिका ने चेचक के मामले मिलने के कारण अफगानों को निकालने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. बीते चार हफ्तों में 'ऑपरेशन एलाइज वेलकम' के तहत 60 हजार लोग अफगानिस्तान से अमेरिका पहुंचे हैं (Refugees in US). इनमें अमेरिकी नागरिक, अमेरिका के स्थायी निवासी और अफगान शामिल हैं. बीते हफ्ते इनमें से चार लोगों में चेचक के मामलों की पुष्टि हुई है और उससे जुड़े लक्षण दिखे हैं. जिसके बाद इन्हें क्वारंटीन किया गया है.

अमेरिका के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन सेंटर (सीडीसी) ने अफगानिस्तान से अमेरिका आने वाले विमानों पर अस्थायी रोक लगाने की सिफारिश की थी. चेचक एक तेजी से फैलने वाला वायरस है, जिसमें तेज बुखार, खांसी और बेचैनी होती है और शरीर पर लाल रंग के निशान पड़ जाते हैं (Afghan Refugees in US). इसके अलावा ये रीढ़ की हड्डी, कान और मस्तिष्क को भी नुकसान पहुंचाती है. वक्त पर इलाज ना मिलने से मरीज की मौत भी हो सकती है. साल 2000 में बड़े स्तर पर हुए टीकाकरण के बाद अमेरिका में बीमारी के अंत की घोषणा की गई थी.
दो घंटे तक हवा में रहता है वायरस
चेचक सबसे संक्रामक बीमारियों में से एक है. अगर बिना वैक्सीन लगाए लोग इसके मरीज के संपर्क में आते हैं, तो उनमें से 90 फीसदी को संक्रमण हो सकता है (Afghan Refugees Measles Case). वायरस हवा में और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाली सतहों पर दो घंटे तक जीवित रह सकता है और संक्रमित लोग इसके लक्षण दिखने के चार दिन पहले और चार दिन बाद तक दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं. साल 2010 में कम टीकाकरण दर वाले क्षेत्रों में इसका प्रकोप फिर से शुरू हो गया. 2019 में अमेरिका में चेचक के करीब 1,300 मामले दर्ज किए गए.
अफगानिस्तान में कितने केस मिले थे?
अफगानिस्तान की बात करें, तो यहां टीकाकरण की कम दर के कारण साल 2017 में चेचक के 25,000 मामले दर्ज किए गए थे (America Afghan Refugees). अफगान सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और गावी के साथ मिलकर 2018 में 1.4 करोड़ अफगान बच्चों को चेचक के खिलाफ वैक्सीन लगाने के लिए एक अभियान शुरू किया था. इससे पहले केवल 60 फीसदी अफगान बच्चों को चेचक के खिलाफ दो में से वैक्सीन लगाई गई थी. जबकि 40 फीसदी को दोनों वैक्सीन लगी थीं.
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