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देश की अपीलीय अदालत ने गत वर्ष नशा तस्करी में दोषी करार दिए गए भारतीय मूल के दो लोगों को शुक्रवार को बरी कर दिया। इनमें से एक को मौत की सजा सुनाई गई थी। दोनों को हाईकोर्ट ने जून 2020 में दोषी ठहराया था।
देश की अपीलीय अदालत ने गत वर्ष नशा तस्करी में दोषी करार दिए गए भारतीय मूल के दो लोगों को शुक्रवार को बरी कर दिया। इनमें से एक को मौत की सजा सुनाई गई थी। दोनों को हाईकोर्ट ने जून 2020 में दोषी ठहराया था।
मुख्य न्यायाधीश सुंदरेश मेनन की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने राजकुमार अय्याचामी (40) की दोषसिद्धि व नशा तस्करी के लिए अनिवार्य मौत की सजा के खिलाफ अपील को अनुमति दी। अदालत ने भारतीय मूल के मलयेशियाई रामदास पुन्नुसामी (41) की उम्रकैद और 15 बेंत की सजा के खिलाफ अपील को भी स्वीकार कर लिया है। दोनों की अपील पूरी तरह से इस बात पर टिकी रही कि क्या उनमें से प्रत्येक को मादक पदार्थ की प्रकृति के बारे में पता था। दोनों पर 1.875 किलोग्राम गांजा का एक बैग रखने का आरोप लगाया गया था।
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