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होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमला 11 भारतीय घायल

Ratna Netam
6 Oct 2026 6:30 PM IST
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमला 11 भारतीय घायल
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नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में पनामा के झंडे वाले कमर्शियल जहाज ‘MT On Peace’ पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। ओमान के तट के पास हुए इस हमले में जहाज पर सवार 19 क्रू सदस्यों में से 12 घायल हो गए, जिनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार जहाज पर कुल 17 भारतीय नागरिक सवार थे। घायल क्रू सदस्यों को ओमान के अधिकारियों की मदद से सुरक्षित निकाला गया और उन्हें खसाब में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि ‘MT On Peace’ (IMO 9893204) उस समय होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, जब उस पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। मंत्रालय ने कहा कि जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे, जिनमें से 17 भारतीय नागरिक हैं। हमले में 12 क्रू सदस्य घायल हुए और उनमें 11 भारतीय शामिल हैं।
भारत ने इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग पर लगातार हो रहे हमले चिंता बढ़ाने वाले हैं और इन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए। मंत्रालय ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के हित में ऐसे हमलों को तुरंत समाप्त करने की मांग दोहराई।
भारत ने स्पष्ट किया कि कमर्शियल जहाजों, समुद्री कर्मचारियों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए सुरक्षित नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किए जाने की जरूरत है। विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
हमले के बाद ओमान के अधिकारियों ने जहाज पर मौजूद घायलों को निकालने में मदद की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक घायल क्रू सदस्यों को खसाब, ओमान में अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। भारत ने बचाव और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए ओमान प्रशासन का आभार जताया है।
‘MT On Peace’ पर हुआ हमला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। इस मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल, गैस और अन्य वाणिज्यिक सामान का परिवहन होता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का सुरक्षा संकट वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाल सकता है।
भारत के लिए यह मामला इसलिए और संवेदनशील है क्योंकि जहाज पर सवार अधिकांश क्रू सदस्य भारतीय थे। भारतीय समुद्री कर्मचारी दुनिया के विभिन्न कमर्शियल जहाजों पर बड़ी संख्या में कार्यरत हैं और पश्चिम एशिया के समुद्री मार्ग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे हमले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने हमले के लिए किसी पक्ष को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया है। अभी तक सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जहाज पर हमला किसने किया और किस प्रकार के प्रोजेक्टाइल का इस्तेमाल किया गया। घटना से जुड़े इन पहलुओं की जांच और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में पिछले कुछ समय से समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है। कमर्शियल जहाजों पर हमले की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ाई है। भारत ने अपने बयान में भी लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को “गहरी चिंता” का विषय बताया है। नई दिल्ली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को सुरक्षित रखना वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों के लिए जरूरी है।
हमले में घायल भारतीय नागरिकों की स्थिति पर भी भारतीय अधिकारी नजर बनाए हुए हैं। ओमान में स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखा गया है ताकि घायल क्रू सदस्यों को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी घायलों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उनका इलाज जारी है।
इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। भारत ने दोहराया है कि समुद्री कर्मचारियों और नागरिक जहाजों को किसी भी संघर्ष या हमले का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। साथ ही व्यापारिक जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जाने की जरूरत है।
फिलहाल भारत की प्राथमिकता घायल भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उपचार है। इसके साथ ही नई दिल्ली ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कमर्शियल शिपिंग पर हमले बंद होने चाहिए और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सामान्य नौवहन और व्यापार जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
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