
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर अपने देश लौटने का इरादा जाहिर किया है। एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में वर्चुअल तरीके से शामिल हुईं हसीना ने कहा कि वह बांग्लादेश वापस जाने की योजना बना रही हैं और उचित समय आने पर अपनी वापसी की तारीख तथा तरीके की जानकारी सार्वजनिक करेंगी। इससे पहले भी वह दिसंबर में स्वदेश लौटने की इच्छा जता चुकी हैं।
कार्यक्रम के दौरान हसीना से पूछा गया कि क्या वह अभी भी इस वर्ष दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के अपने पहले के बयान पर कायम हैं। इसके जवाब में उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनका वापस जाने का इरादा बना हुआ है।
हसीना ने कहा कि उनकी यात्रा और पासपोर्ट से जुड़ी परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं, इसलिए वापसी की योजना को सावधानीपूर्वक तैयार किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि सही समय आने पर वह बताएंगी कि बांग्लादेश में उनकी वापसी किस रास्ते और किस तारीख को होगी।
इससे पहले अगस्त में भी शेख हसीना ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटना चाहती हैं। उन्होंने दिसंबर को बांग्लादेश की 1971 की मुक्ति संग्राम की विजय से जोड़ते हुए इसे अपने देश लौटने के लिए प्रतीकात्मक महीना बताया था।
पूर्व प्रधानमंत्री अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश में उनके खिलाफ कई कानूनी मामले चल रहे हैं और उन्हें एक मामले में अनुपस्थिति में मृत्युदंड भी सुनाया जा चुका है। बांग्लादेश सरकार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। ऐसे में उनकी संभावित वापसी केवल राजनीतिक ही नहीं बल्कि कानूनी रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण मामला है।
हसीना की ओर से लगातार वापसी की बात किए जाने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि वह किस कानूनी प्रक्रिया के तहत बांग्लादेश जाएंगी। ढाका की मौजूदा सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य उन्हें वापस लाकर अदालत के फैसले के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करना है। सितंबर में बांग्लादेश सरकार के एक वरिष्ठ सलाहकार ने भी कहा था कि सरकार उनके स्वेच्छा से लौटने का इंतजार करने के बजाय प्रत्यर्पण के जरिए वापस लाना चाहती है।
दूसरी ओर हसीना अपने खिलाफ चल रही कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई पर सवाल उठाती रही हैं। उनकी पार्टी अवामी लीग की गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हसीना और उनके समर्थक इन कार्रवाइयों को राजनीतिक बताते हैं, जबकि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार और अभियोजन पक्ष का कहना है कि उनके खिलाफ मामले कानून के तहत आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इन दावों को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखा मतभेद बना हुआ है।
हालिया कार्यक्रम में हसीना ने अपने संभावित लौटने के तरीके को लेकर कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की। उन्होंने केवल इतना कहा कि योजना बनाई जा रही है और उचित समय पर वह इसकी जानकारी देंगी।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश की राजनीति में अवामी लीग की भविष्य की भूमिका और हसीना की संभावित वापसी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी पार्टी लंबे समय तक देश की सत्ता में रही है और बांग्लादेश की राजनीति में उसका मजबूत संगठनात्मक आधार रहा है।
हसीना के समर्थकों का कहना है कि उनकी वापसी से पार्टी को दोबारा संगठित होने में मदद मिल सकती है। दूसरी तरफ उनके राजनीतिक विरोधियों का कहना है कि किसी भी वापसी की स्थिति में पहले उनके खिलाफ लंबित कानूनी मामलों की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
हसीना ने पहले भी कहा है कि उनकी वापसी का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं है, बल्कि वह अपनी पार्टी और समर्थकों के साथ खड़े रहना चाहती हैं। हालांकि यह उनका अपना राजनीतिक दावा है और बांग्लादेश में उनकी भूमिका को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की राय अलग है।
बांग्लादेश और भारत के संबंधों में भी हसीना का मुद्दा एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। ढाका ने भारत के सामने उनके प्रत्यर्पण की मांग रखी है, जबकि नई दिल्ली ने उनके कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों और बयानों से खुद को अलग बताया है। भारत ने हाल में कहा था कि हसीना की मीडिया बातचीत में उसकी कोई भूमिका या समर्थन नहीं था।
बांग्लादेश सरकार ने भारत में रहते हुए हसीना की राजनीतिक और मीडिया गतिविधियों पर भी आपत्ति जताई है। ढाका की ओर से कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियां दोनों देशों के रिश्तों के माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।
इसके बावजूद हसीना ने सार्वजनिक कार्यक्रमों और वर्चुअल माध्यमों के जरिए अपने समर्थकों तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच बनाए रखी है। उनके हालिया बयान से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि उन्होंने बांग्लादेश लौटने की योजना छोड़ी नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी वापसी यदि होती है तो वह स्वैच्छिक होगी या प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया के तहत। इसके अलावा बांग्लादेश पहुंचने के बाद उनकी कानूनी स्थिति क्या होगी, यह भी अहम मुद्दा रहेगा।
फिलहाल शेख हसीना ने दिसंबर में लौटने के अपने पुराने इरादे से पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है। उन्होंने दोहराया है कि वह स्वदेश लौटने की योजना बना रही हैं, लेकिन इसके तरीके और निश्चित तारीख का खुलासा सही समय आने पर ही करेंगी।





