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शशि थरूर की सफाई नेपाल आपदा को लेकर मचा था बवाल

Ratna Netam
28 Aug 2026 4:03 PM IST
शशि थरूर की सफाई नेपाल आपदा को लेकर मचा था बवाल
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नेपाल : आई भीषण बाढ़ और तबाही को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपने एक शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवादों में घिर गए। थरूर ने नेपाल की आपदा का जिक्र करते हुए अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में ‘ड्रामा’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद लोगों ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी के लिए इस तरह के शब्द का प्रयोग क्यों किया गया। विवाद बढ़ने के बाद शशि थरूर ने सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और उन्होंने शब्द के गलत चयन पर खेद जताया।
क्या था पूरा मामला?
नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ, बड़ी संख्या में लोग लापता हुए और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। इसी दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर नेपाल पहुंचे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए वहां की स्थिति का जिक्र किया।
अपनी पोस्ट में थरूर ने पहाड़ी इलाकों में हुई तबाही को लेकर ‘ड्रामा’ शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस शब्द को लेकर आपत्ति जताई। कई लोगों का कहना था कि आपदा और लोगों की मौत जैसे गंभीर विषय पर ‘ड्रामा’ शब्द संवेदनशील नहीं लगता।
थरूर ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद शशि थरूर ने सफाई जारी की। उन्होंने कहा कि ‘ड्रामा’ शब्द का मतलब केवल नाटक या दिखावा नहीं होता। अंग्रेजी भाषा में इस शब्द का एक अर्थ ऐसी स्थिति या घटनाओं की श्रृंखला भी होता है, जिसमें कई ताकतें और घटनाएं तेजी से एक-दूसरे से जुड़ती हैं।
थरूर ने कहा कि उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल इसी संदर्भ में किया था, लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस है कि यह शब्द आसानी से गलत समझा जा सकता है। उन्होंने माना कि बेहतर शब्द का चयन किया जा सकता था।
सोशल मीडिया पर क्यों हुआ विवाद?
शशि थरूर अपनी बेहतरीन अंग्रेजी और शब्दों के इस्तेमाल के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में जब उन्होंने नेपाल जैसी गंभीर आपदा के लिए ‘ड्रामा’ शब्द लिखा तो कई लोगों ने इसे उनकी भाषा संबंधी चूक बताया।
सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि बाढ़ में लोगों की जान गई है, परिवार उजड़ गए हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे समय में शब्दों का चयन बेहद सावधानी से किया जाना चाहिए।
हालांकि, कुछ लोगों ने थरूर का बचाव भी किया और कहा कि अंग्रेजी शब्दों के कई अर्थ होते हैं। उनका उद्देश्य आपदा को कमतर दिखाना नहीं था, बल्कि घटनाओं की गंभीरता और तेजी को बताना था।
थरूर ने नेपाल की तबाही पर जताई थी चिंता
विवादित शब्द के बावजूद थरूर ने अपनी पोस्ट में नेपाल की स्थिति पर चिंता जताई थी। उन्होंने बताया था कि नेपाल में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है और भारत सरकार की ओर से राहत सहायता दिए जाने का उन्होंने समर्थन किया। उन्होंने कहा था कि नेपाल को इस मुश्किल समय में हर संभव मदद की जरूरत है।
उन्होंने प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की थी। साथ ही भारतीय पर्यटकों के प्रभावित होने पर भी चिंता जताई थी।
भाषा और राजनीति में शब्दों की अहमियत
शशि थरूर का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं के शब्दों का कितना महत्व होता है। खासकर जब कोई नेता किसी प्राकृतिक आपदा, युद्ध या मानवीय संकट पर बयान देता है तो हर शब्द को ध्यान से देखा जाता है।
कई बार किसी शब्द का शाब्दिक अर्थ अलग होता है और लोगों द्वारा समझा जाने वाला अर्थ अलग। यही कारण है कि सार्वजनिक हस्तियों को बयान देते समय भाषा और भावनाओं दोनों का ध्यान रखना पड़ता है।
अब क्या है स्थिति?
सफाई देने के बाद शशि थरूर ने विवाद को शांत करने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य नेपाल की त्रासदी को छोटा दिखाना नहीं था। उन्होंने गलत शब्द चयन पर अफसोस जताते हुए अपनी स्थिति साफ कर दी है।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ लोग शब्दों की संवेदनशीलता पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाषा के संदर्भ और अर्थ को समझने की बात भी कही जा रही है।
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