विश्व
इमरान खान केस में शहबाज सरकार को झटका सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विवाद तेज
Ratna Netam
20 Aug 2026 3:55 PM IST

x
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इमरान खान को अस्पताल भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ शहबाज शरीफ सरकार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सरकार की याचिका को शुरुआती स्तर पर ही झटका लग गया। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने समीक्षा याचिका को आपत्तियों के साथ वापस लौटा दिया। इसे शहबाज सरकार के लिए बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।
दरअसल, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) प्रमुख इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर परिवार और पार्टी की ओर से लगातार चिंता जताई जा रही थी। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को बेहतर इलाज के लिए इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल में रेफर करने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सरकार ने दी थी चुनौती
18 अगस्त को पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इमरान खान को तत्काल अस्पताल भेजा जाए। अदालत ने उनके इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का भी आदेश दिया था, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ इमरान खान के निजी चिकित्सक को शामिल करने की बात कही गई थी।
इस फैसले के बाद शहबाज शरीफ सरकार ने इसे चुनौती देने का फैसला किया। सरकार की ओर से दलील दी गई कि किसी कैदी को सीधे निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति देना जेल नियमों के खिलाफ है और इससे अन्य कैदियों के लिए अलग व्यवस्था का सवाल खड़ा हो सकता है।
सरकार का कहना था कि वह इमरान खान के इलाज के खिलाफ नहीं है, लेकिन इलाज की प्रक्रिया जेल नियमों के अनुसार होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने लौटाई याचिका
शहबाज सरकार की ओर से दाखिल समीक्षा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने सुनवाई से पहले ही आपत्तियां दर्ज कर दीं। दस्तावेजों में कमियों और जरूरी औपचारिकताओं को पूरा नहीं करने का हवाला देते हुए याचिका वापस कर दी गई।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार की कानूनी चुनौती पूरी तरह खत्म हो गई है। आपत्तियां दूर करने के बाद सरकार दोबारा याचिका दाखिल कर सकती है। लेकिन शुरुआती स्तर पर ही याचिका लौटाए जाने से विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है।
इमरान खान को मिली बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को इमरान खान और उनके समर्थकों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है। इमरान खान की पार्टी PTI लगातार आरोप लगाती रही है कि जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
इमरान खान के परिवार ने भी कई बार उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी और बेहतर इलाज की मांग की थी। अदालत के हस्तक्षेप के बाद अब उनके इलाज की प्रक्रिया को लेकर नई व्यवस्था बनाई जा सकती है।
शहबाज सरकार की बढ़ी मुश्किलें
पाकिस्तान में इमरान खान पहले से ही शहबाज शरीफ सरकार के सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बने हुए हैं। जेल में रहते हुए भी इमरान खान की राजनीतिक पकड़ और समर्थकों का प्रभाव बना हुआ है।
ऐसे समय में सुप्रीम कोर्ट से सरकार की याचिका लौटना शहबाज सरकार के लिए राजनीतिक रूप से भी मुश्किल स्थिति पैदा कर सकता है। विपक्ष इस मुद्दे को सरकार की हार के रूप में पेश कर रहा है।
इमरान खान की जेल और स्वास्थ्य का मामला
इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ कई मामलों में कानूनी कार्रवाई चल रही है। PTI का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सरकार और प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून के तहत हो रही है।
स्वास्थ्य को लेकर विवाद के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और अदालत ने चिकित्सा सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आदेश दिया।
पाकिस्तान की राजनीति में बढ़ेगा टकराव
इमरान खान और शहबाज शरीफ सरकार के बीच राजनीतिक टकराव लंबे समय से जारी है। अब स्वास्थ्य और जेल सुविधा का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में हस्तक्षेप से पाकिस्तान की राजनीति में न्यायपालिका की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है।
आगे क्या होगा?
अब नजर इस बात पर होगी कि शहबाज सरकार सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की आपत्तियों को दूर करके दोबारा याचिका दाखिल करती है या नहीं। वहीं, इमरान खान के इलाज और अस्पताल शिफ्टिंग की प्रक्रिया पर भी सभी की नजर बनी हुई है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान की सियासत को और गरमा दिया है। एक तरफ इमरान खान को अदालत से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर शहबाज सरकार को कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
TagsShehbazgovernmentsetbackSupreme Courtorderशहबाजसरकारझटकासुप्रीम कोर्टआदेशजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





