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दुर्गा पूजा पर बांग्लादेश में सुरक्षा कड़ी सरकारी मदद भी बढ़ी
Ratna Netam
30 Sept 2026 4:11 PM IST

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ढाका। बांग्लादेश सरकार ने आगामी शारदीय दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में आयोजित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की घोषणा की है। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय, डिवीजनल, जिला और उपजिला स्तर पर सरकारी एजेंसियों को सुरक्षा व्यवस्था और त्योहार के सुचारू आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही पूजा मंडपों के लिए सरकारी सहायता राशि बढ़ाने और आधिकारिक छुट्टियों की अवधि में भी विस्तार किया गया है।
गृह मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय समन्वय बैठक के बाद सलाहुद्दीन अहमद ने इन फैसलों की जानकारी दी। बैठक में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी और हिंदू समुदाय के प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद, पूजा फ्रंट, कल्याण ट्रस्ट और महानगर सार्वजनीन पूजा समिति के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक समन्वय की व्यवस्था को अंतिम रूप देना था।
सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में देश में धार्मिक और सामाजिक सद्भाव की स्थिति में सुधार हुआ है। सुरक्षा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने अब तक किसी भी पूजा मंडप को विशेष रूप से संवेदनशील या उच्च जोखिम वाला घोषित नहीं किया है। इसके बावजूद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को पूरे त्योहार के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। किसी संभावित खतरे या अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने दुर्गा पूजा मंडपों के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी बढ़ोतरी की है। गृह मंत्री के मुताबिक प्रधानमंत्री तारिक रहमान के निर्देश पर सरकारी फंड को 4 करोड़ टका से बढ़ाकर 5 करोड़ टका किया गया है। यह राशि विभिन्न पूजा मंडपों तक पहुंचाने के लिए संबंधित एजेंसियों और धार्मिक कल्याण संस्थाओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे पूजा आयोजकों को सुरक्षा, व्यवस्थाओं और अन्य जरूरी तैयारियों में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस साल बांग्लादेश में पूजा मंडपों की संख्या भी बढ़ी है। सरकार के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,500 अधिक मंडप स्थापित किए जा रहे हैं। पूरे देश में इस बार पूजा मंडपों की संख्या बढ़कर 33,851 हो गई है। मंडपों की संख्या में हुई इस वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने जिला और उपजिला स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय मजबूत करने का फैसला किया है।
सरकार ने दुर्गा पूजा की आधिकारिक छुट्टियों में भी विस्तार किया है। लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए दुर्गा पूजा के लिए सरकारी छुट्टी को बढ़ाकर तीन दिन कर दिया गया है। शुक्रवार और शनिवार की नियमित साप्ताहिक छुट्टियों को मिलाकर सरकारी कर्मचारियों को कुल पांच दिनों की लगातार छुट्टी मिल सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे लोग अपने परिवार के साथ त्योहार बेहतर तरीके से मना सकेंगे।
सुरक्षा निगरानी के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। नेशनल टेलीकम्युनिकेशन मॉनिटरिंग सेंटर यानी NTMC के पहले से इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल ऐप को दुर्गा पूजा के दौरान सक्रिय रूप से उपयोग किया जाएगा। इस ऐप के जरिए किसी अप्रिय घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तेजी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी। इससे कानून लागू करने वाली एजेंसियों को तुरंत प्रतिक्रिया देने और स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला स्तर के अधिकारियों को इस मोबाइल सिस्टम के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय के साथ डिवीजनल और जिला स्तर पर 24 घंटे निगरानी करने वाले कंट्रोल सेल बनाए जाएंगे। इन सेल के जरिए अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल निर्देश जारी किए जा सकेंगे।
पुलिस थानों को भी स्थानीय पूजा मंडपों में तैनात किए जाने वाले स्वयंसेवकों की सत्यापित सूची और संपर्क विवरण जुटाने को कहा गया है। इन स्वयंसेवकों को आधिकारिक पहचान पत्र दिए जाएंगे ताकि पुलिस और आयोजन समितियों के बीच बेहतर समन्वय हो सके। इससे किसी आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर तेजी से जानकारी साझा करने में मदद मिलेगी।
गृह मंत्रालय ने पूजा स्थलों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। आयोजकों को जनरेटर तैयार रखने और बिजली या जनरेटर दोनों के विफल होने की स्थिति के लिए रिचार्जेबल लाइट का बैकअप रखने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि रोशनी और बिजली की लगातार उपलब्धता सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी जरूरी है।
दुर्गा पूजा से पहले सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। इससे पहले धार्मिक मामलों के मंत्रालय की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि पुराने या संपादित वीडियो और तस्वीरों के जरिए अफवाह फैलाने की कोशिशों की तुरंत जांच की जाए। गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने और सही जानकारी तेजी से लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि किसी भी मंडप को फिलहाल विशेष खतरे वाला नहीं माना गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सुरक्षा में ढील दी जाएगी। कानून लागू करने वाली एजेंसियां पूरे त्योहार के दौरान सतर्क रहेंगी। सरकार का फोकस पूजा आयोजकों, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवकों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने पर रहेगा।
सरकारी फंड को 5 करोड़ टका तक बढ़ाने, देशभर में 33,851 पूजा मंडपों के लिए निगरानी व्यवस्था, मोबाइल ऐप आधारित सूचना तंत्र, 24 घंटे कंट्रोल सेल और पांच दिन तक लगातार छुट्टी की व्यवस्था के साथ बांग्लादेश सरकार ने इस बार दुर्गा पूजा को लेकर व्यापक तैयारी की है। अब इन व्यवस्थाओं का वास्तविक असर त्योहार के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय पर दिखाई देगा।
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