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विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नए ‘क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क’ पर 55 देशों के साथ समझौते का ऐलान,

SHIDDHANT
4 Feb 2026 9:23 PM IST
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नए ‘क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क’ पर 55 देशों के साथ समझौते का ऐलान,
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Washington शिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका और उसके अंतरराष्ट्रीय सहयोगी कई देशों के साथ नए “क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क” पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। रुबियो ने इसे ऐतिहासिक बैठक करार देते हुए कहा कि यह पहल प्रौद्योगिकी नवाचार, आर्थिक ताकत और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। रुबियो ने कहा, "हम आज बाद में कई पार्टनर्स के साथ नए ज़रूरी मिनरल्स फ्रेमवर्क पर साइन करने की योजना बना रहे हैं। मैं फिर से यह बताना चाहता हूं कि यह सच में एक ऐतिहासिक मीटिंग है और यह उन अरबों डॉलर्स को दिखाता है जो यूनाइटेड स्टेट्स सरकार ने पहले ही इस कोशिश के लिए दिए हैं।"
उन्होंने बताया कि यह पहल वैश्विक सप्लाई चेन में स्थिरता और विश्वसनीयता लाने के उद्देश्य से बनाई गई है। “इससे प्राइवेट सेक्टर का निवेश विश्वसनीय सप्लाई चेन बनाने में मदद करेगा। यह चेन अत्याधुनिक तकनीकों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य रणनीतिक उत्पादों के उत्पादन के लिए बहुत जरूरी है। इसे लेकर हमारा उद्देश्य आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इस मीटिंग में 55 पार्टनर, 54 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं। रुबियो ने कहा कि आने वाले समय में और भी कई देश इस पहल में शामिल होने में रुचि दिखाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल अमेरिका की वैश्विक साझेदारी और संयुक्त प्रयासों का प्रतीक है।

विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क के तहत प्राइवेट सेक्टर निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दुर्लभ धातुओं और आवश्यक खनिजों की स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। यह विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के लिए अहम है। रुबियो ने बैठक को “ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से निर्णायक” बताया और कहा कि इस पहल के जरिए वैश्विक आर्थिक सहयोग, तकनीकी नवाचार और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। फ्रेमवर्क के अंतर्गत इन्वेस्टमेंट, प्रोडक्शन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और रिसर्च में सहयोग पर जोर दिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खनिजों और ऊर्जा संसाधनों की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित करता है और यह संकेत देता है कि अमेरिका प्राइवेट सेक्टर और ग्लोबल पार्टनर्स के साथ मिलकर इस क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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