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चेप्स, हबल और स्पिट्जर टेलिस्कोप से मिली ग्रह को लेकर जानकारी, देखकर वैज्ञानिक भी हुए हैरान!

Neha
13 Jan 2022 11:12 AM GMT
चेप्स, हबल और स्पिट्जर टेलिस्कोप से मिली ग्रह को लेकर जानकारी, देखकर वैज्ञानिक भी हुए हैरान!
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प्रत्येक खगोलीय पिंड द्वारा उत्सर्जित विकिरण के स्तर को सटीक रूप से मापता है.

एस्ट्रोनोमर्स ने ऐलान किया है कि कुछ साल पहले एक एक्सोप्लैनेट (Exoplantes) की खोज की गई, जो कुछ हद तक एक आलू के समान (Potato like Planet) है. इस प्लेनेट का नाम WASP-103b है, जो हरक्यूलिस नक्षत्र (Hercules constellation) में मौजूद है. WASP-103b सौरमंडल (Solar System) से लगभग 1800 प्रकाशवर्ष दूर मौजूद है. समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, WASP-103b अपने तारे WASP-103 से काफी पास है. वहीं, पृथ्वी की तुलना में ये अपने सूर्य के करीब 50 गुना करीब है. इस वजह से ये ग्रह 22 घंटे में अपने तारे का चक्कर लगा लेता है, जबकि पृथ्वी को ऐसा करने में 365 दिन लगते हैं.

एस्ट्रोनोमर्स ने 2014 में इस असामान्य आकार के ग्रह की खोज की थी. एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में कहा गया कि WASP-103b बृहस्पति ग्रह (Jupiter) के समान है. पुर्तगाल (Portugal) के पोर्टो यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोफिजिसिस्ट सुजाना बैरोस ने बताया कि यदि यह ग्रह बृहस्पति से 1.5 गुना अधिक विशाल है, तो इसका रेडियस दोगुना है. बैरोस ने भविष्यवाणी की है कि WASP-103b अन्य तंत्रों के साथ अपने तारे की गर्म होने की वजह से बहुत फूला हुआ होगा. वैज्ञानिक मान रहे हैं कि WASP-103b में एक ठोस कोर है, जो एक तरल परत से ढका हुआ है और एक गैसीय वातावरण से घिरा हुआ है. जैसा हमें बृहस्पति पर देखने को मिलता है.
चेप्स, हबल और स्पिट्जर टेलिस्कोप से मिली ग्रह को लेकर जानकारी
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency) ने कहा, ये पहली बार है जब किसी विकृत आकार वाले ग्रह की पहचान की गई है. इससे ऐसे ग्रहों की आंतरिक संरचना के बारे में नई जानकारी मिली है. वैज्ञानिकों की टीम ने WASP-103b के बारे में यह जानकारी एजेंसी के चेप्स स्पेस टेलिस्कोप (Cheops space telescope), NASA के हबल टेलिस्कोप (Hubble Telescope) और स्पिट्जर टेलिस्कोप (Spitzer telescope) से मिले नए डेटा के आधार पर दी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्रह के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए अधिक विश्लेषण की जरूरत है.
2019 में लॉन्च हुआ चेप्स स्पेस टेलिस्कोप
चेप्स स्पेस टेलिस्कोप दिसंबर 2019 में लॉन्च किया गया था. इसका काम एक्सोप्लैनेट की विशेषताओं को निर्धारित करना है. ये टेलिस्कोप यूरोपियन स्पेस एजेंसी और स्विट्जरलैंड के बीच साझेदारी के परिणामस्वरूप लॉन्च किया गया और स्पेस में स्थापित किया गया. इस टेलिस्कोप को चलान के लिए ग्यारह यूरोपीय देशों के लगभग 100 इंजीनियर और वैज्ञानिक काम करते हैं. टेलिस्कोप एक फोटोमेट्रिक डिवाइस से लैस है जो प्रत्येक खगोलीय पिंड द्वारा उत्सर्जित विकिरण के स्तर को सटीक रूप से मापता है.


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