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Saudi Arabia और लेबनान के बीच वार्ता, इज़राइली हमलों को रोकने पर चर्चा

Harrison
23 April 2026 9:40 PM IST
Saudi Arabia  और लेबनान के बीच वार्ता, इज़राइली हमलों को रोकने पर चर्चा
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Riyadh रियाद: सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने गुरुवार को लेबनान की संसद के स्पीकर नबीह बेरी के साथ फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में लेबनान पर इज़राइली हमलों को पूरी तरह रोकने के प्रयासों और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, इस फोन कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने लेबनान के विकास और उसकी मौजूदा स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया। बातचीत में विशेष रूप से लेबनान की स्थिरता और उसके सरकारी संस्थानों को मजबूत करने के लिए सऊदी अरब के समर्थन को दोहराया गया।
प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि सऊदी अरब लेबनान की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और भविष्य में भी सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने यह भी जोर दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी है।
लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी ने इस दौरान सऊदी अरब की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि किंगडम ने लेबनान को समर्थन देने और क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
बेरी ने बातचीत में ताइफ समझौते (Taif Agreement) के प्रति लेबनान की प्रतिबद्धता को दोहराया। यह समझौता लेबनान की राजनीतिक संरचना और स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान किसी भी ऐसी स्थिति या गतिविधि का विरोध करता है जो सऊदी अरब या क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर सकती है। बातचीत में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
इस वार्ता को पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की बातचीत क्षेत्रीय संघर्षों को कम करने और संवाद को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है।
सऊदी अरब लंबे समय से लेबनान के राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता प्रयासों का समर्थन करता रहा है। वहीं लेबनान भी क्षेत्रीय शक्तियों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश करता है।
कुल मिलाकर, इस फोन वार्ता ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद को मजबूत किया है और लेबनान की स्थिरता एवं क्षेत्रीय शांति के प्रयासों को नई दिशा देने का संकेत दिया है।
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