
x
कैप्टन स्मित मच्छार को मिले ‘मेडल ऑफ ऑनर
तेल अवीव: फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में हुए हमले के दौरान साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। इजरायल की पूर्व उपविदेश मंत्री शैरेन हैस्केल ने मांग की है कि कैप्टन मच्छार को इजरायल बुलाकर सम्मानित किया जाए और उन्हें ‘मेडल ऑफ ऑनर’ दिया जाए। उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छार के साहस और दृढ़ संकल्प की वजह से कई लोगों की जान बच सकी।
मामला दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 से जुड़ा है। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन मच्छार पर उनके को-पायलट द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया। रिपोर्ट के अनुसार हमले में घायल होने के बावजूद मच्छार ने स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी। विमान को बाद में सऊदी अरब के ताबूक एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारा गया और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
पूर्व इजरायली उपविदेश मंत्री हैस्केल ने कैप्टन मच्छार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मांग की कि कैप्टन मच्छार को इजरायल आने का निमंत्रण दिया जाना चाहिए और राष्ट्रपति तथा सरकार की ओर से उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए। कैप्टन मच्छार की बहादुरी को लेकर इजरायल में भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मुंबई स्थित इजरायली महावाणिज्य दूतावास ने उनकी प्रशंसा में एक बिलबोर्ड लगाया। इजरायल के महावाणिज्य दूत यानीव रेवाच ने कहा कि इजरायल कैप्टन मच्छार का नाम नहीं भूलेगा और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
भारत में भी कैप्टन मच्छार को सम्मानित करने की मांग तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कैप्टन मच्छार को अशोक चक्र देने की मांग की है। अशोक चक्र भारत का शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी देवड़ा के पत्र को साझा किया। गुजरात सरकार ने कैप्टन मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड’ से सम्मानित करने की घोषणा भी की है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उनके साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि घायल होने के बावजूद उन्होंने यात्रियों की जिंदगी बचाने के लिए असाधारण बहादुरी दिखाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर उनके साहस की सराहना की। घटना में घायल होने के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। अब इजरायल की पूर्व उपविदेश मंत्री की ओर से ‘मेडल ऑफ ऑनर’ दिए जाने की मांग के बाद कैप्टन मच्छार एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि यह फिलहाल एक मांग है, पुरस्कार दिए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। भारत से लेकर इजरायल तक उनके साहस की प्रशंसा की जा रही है।
Next Story





